इंदौर अपडेटेड… इच्छाओं के त्याग से मानव देव तुल्य बन जाता है,जीवन में समस्त सुखों को प्राप्त कर लेता है – आकाश विजयवर्गीय….sujal patheja जी की विशेष ख़बर
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*क्षेत्र क्र 4 के स्वामी प्रीतमदास सभागृह में गूंजा “ॐ नमः शिवाय”*
*संस्था देव से महादेव के तत्वाधाम में आकाश विजयवर्गीय संग सैकड़ों शिवभक्तों ने किया जाप*
*इच्छाओं के त्याग से मानव देव तुल्य बन जाता है,जीवन में समस्त सुखों को प्राप्त कर लेता है – आकाश विजयवर्गीय*
*ऊं नम: शिवाय के जाप से जीवन आसक्ति से अनासक्ति की ओर अग्रसर होता है*
*इंदौर* :- शिव आराधना से केवल मन की शांति औऱ सुख-समृद्धि ही नहीं मिलती है बल्कि इस अमोघ मंत्र के जाप से जगत कल्याण भी होता है। शिव मंत्रों का जाप स्वयं के और संसार की सुख, शांति और समृद्धि के लिए किया जाता है। जगत के पालनहार शिव स्मरण मात्र से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं। यह बात पूर्व विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय ने ॐ नम: शिवाय के जाप के आयोजन के अवसर पर कही। शिव स्तुति के क्रम में दिनांक 22 दिसंबर रविवार को संस्था देव से महादेव ने विधानसभा क्षेत्र 4 के सिंधी कॉलोनी स्थित स्वामी प्रीतमदास सभागृह में मिशन अनासक्त के अंतर्गत ॐ नम: शिवाय के जाप का आयोजन किया।
*लालसाओं के त्याग से मिलता है परम सुख*
इस अवसर पर बोलते हुए आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि महादेव और इंसान में प्रमुख अंतर इच्छाओं का है। मानव की 4 इच्छाएं होती है। पुत्र प्राप्ति की इच्छा, धन कमाने की इच्छा, नाम कमाने की इच्छा और जीवन जीने की इच्छा। यदि इंसान पुत्र प्राप्ति की इच्छा का त्याग करता है तो वह 25 प्रतिशत भगवान बन जाता है। धन कमाने की इच्छा का त्याग करता है तो वह 50 प्रतिशत भगवान बन जाता है। नाम कमाने की इच्छा का त्याग करता है तो वह 75 प्रतिशत भगवान बन जाता है। जीवन जीने की इच्छा का त्याग करता है तो वह 100 प्रतिशत भगवान बन जाता है। मानव जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का समावेश होना चाहिए और जीवन में तीनों चीजें सदकर्म और अनासक्ति से आती है। यदि आपका शरीर निरोगी है तो सुख है। यदि आप ईमानदारी से धन अर्जन करते हैं तो आप समृद्ध हैं। यदि आप पारिवारिक जीवन में मिल-जुल कर रहते हैं तो आप दुनिया में सबसे सुखी है। जीवन में लालसा और भोग विलास से अनासक्ति से ही जीवन सुखमय होता है और परम सुख को प्राप्त करता है। इसलिए ॐ नम: शिवाय के जाप से हम आसक्ति से अनासक्ति की ओर अग्रसर होते हैं और जीवन में आनंद की अनुभूति करते हैं। शिव पुराण मे कहा गया है कि यदि आपका गुरु है तो उनका स्मरण कर ॐ नम:शिवाय का जाप करें यदि कोई गुरु नहीं है तो महादेव को अपना गुरु मानकर ओम नम: शिवाय का जाप करें।
*सुमधुर भजनों की हुई प्रस्तुति*
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। ओम नम:शिवाय जाप के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आयोजन की तैयरियाँ समाज सेवी दीपक बाबा के मार्गदर्शन में काम कर रही टीम ने किया था इस अवसर भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री कृष्णमुरारी मोघे भी उपस्थित थे साथ ही इस दौरान विधानसभा क्षेत्र 4 के समस्त देव से महादेव संस्था के पदाधिकारी मोजूद थे, जिसमे मुख्य रूप से कार्यक्रम की कमान सँभाल रहे नरेश चेलानी, योगेश वाधवानी, आकाश परियानी, राहुल रिझवानी, नरेंद्र इसरानी, सागर गोरखा, जितु सितलानी और बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे। भजन गायकों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। आयोजन स्थल पर श्री आकाशजी विजयवर्गीय का कार्यकर्ताओं और इष्ट मित्रों ने भव्य स्वागत किया।
गौरतलब है इसके पहले पंचकुईया राम मंदिर, कनकेश्वरी देवी मंदिर, बोलिया सरकार छत्री में ॐ नम: शिवाय का जाप किया जा चुका है।
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