आमला *प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप से बैतूल में दो मासूमों की मौत**परासिया के सरकारी डॉक्टर ने लिखा था सिरप, कंपनी पर पहले ही लग चुका है प्रतिबंध*अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।  – किस्मत न्यूज

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आमला *प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप से बैतूल में दो मासूमों की मौत**परासिया के सरकारी डॉक्टर ने लिखा था सिरप, कंपनी पर पहले ही लग चुका है प्रतिबंध*अकरम खान पटेल की रिपोर्ट। 

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*आमला* बैतूल ज़िले में प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप पीने से दो बच्चों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस सिरप में जहरीला रसायन “डाइएथलीन ग्लाइकोल” पाया गया है। इसी कंपनी की अन्य दवाओं पर भी सरकार ने पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। अब दवा कंपनी, सिरप लिखने वाले डॉक्टर और अन्य ज़िम्मेदारों के खिलाफ छिंदवाड़ा में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

बैतूल प्रशासन ने इस गंभीर प्रकरण की जांच के लिए विशेष दल गठित किया है। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने दोनों बच्चों की मौत की पुष्टि की है और कहा है कि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

 

*परासिया के डॉक्टर ने दी थी सिरप*

 

आमला बीएमओ डॉ. अशोक नरवरे ने बताया कि ग्राम कलमेश्वरा निवासी कबीर (4 वर्ष) और जामुन बिछुवा निवासी निहाल (ढाई वर्ष) को बुखार आने पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित डॉ. प्रवीण सोनी के पास इलाज के लिए ले जाया गया था।

परिजनों के अनुसार, 24 अगस्त को कबीर को डॉक्टर सोनी ने कोल्ड्रिफ सिरप लिखी थी। इलाज के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि मौत सिरप के सेवन से ही हुई या नहीं।

 

*8 सितंबर को कबीर की भोपाल में मौत*

 

इलाज के दौरान सुधार नहीं होने पर परिजन कबीर को नागपुर और फिर भोपाल ले गए, जहाँ 8 सितंबर की रात साढ़े चार बजे उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि मौत सिरप पीने के बाद ही हुई। डॉक्टरों ने कबीर की किडनी फेल होने की आशंका जताई थी।

*निहाल की एक अक्टूबर को गांव में मौत*

 

दूसरी घटना में ढाई साल के निहाल धुर्वे की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले परासिया, फिर बैतूल लाया गया।

बैतूल के डॉ. दीप साहू ने बताया कि बच्चे का क्रिएटिनिन स्तर बहुत बढ़ा हुआ था, जिससे किडनी फेल्योर की स्थिति बन गई थी।

एम्स भोपाल रेफर किए जाने के बाद भी निहाल नहीं बच सका। परिजनों ने बताया कि जिस सिरप से इलाज किया गया, वही डॉक्टर प्रवीण सोनी ने दी थी।

 

*बीएमओ से तलब की गई रिपोर्ट*

 

सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि फिलहाल सिरप को मौत का प्रत्यक्ष कारण नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा— “बीएमओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों ने वही प्रतिबंधित सिरप पी थी या नहीं।”

 

*जिले में एडवाइजरी जारी*

 

सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स और जन औषधि केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि 

बिना पंजीकृत डॉक्टर की पर्ची के कोई भी सिरप या दवा न बेची जाए।

 

संदिग्ध या अप्रमाणित दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए।

औषधि निरीक्षक और खाद्य एवं औषधि प्रशासन निगरानी बढ़ाएं।

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि “बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी सिरप या दवा का सेवन न करें।

 

*जांच दल गठित*

 

दोनों मौतों की जांच के लिए डीएचओ डॉ. राजेश परिहार, डॉ. आशीष सिंह ठाकुर, डॉ. प्रांजल उपाध्याय और औषधि निरीक्षक संदीप जादौन की टीम बनाई गई है।

यह टीम दोनों परिवारों से मिलकर तथ्य जुटाएगी। ज़रूरत पड़ने पर पोस्टमार्टम कराए जाने की भी संभावना जताई गई है।

 

*मुख्य सवाल:*

क्या परासिया के डॉक्टर द्वारा दी गई कोल्ड्रिफ सिरप ही मासूमों की मौत की वजह बनी?

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच सामने आएगा, लेकिन दो निर्दोष बच्चों की मौत ने पूरे ज़िले को झकझोर दिया है।

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