*बैतूल–भोपाल हाईवे की बदहाली पर गडकरी सख्त: अफसरों से पूछा– “कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा क्या?” बोले– “परफॉर्मेंस खराब तो प्रमोशन रोको*
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अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
भोपाल/बैतूल। बैतूल–भोपाल नेशनल हाईवे की जर्जर हालत पर अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
गडकरी ने कहा कि यदि सड़कों की गुणवत्ता खराब है और हादसों की संख्या बढ़ रही है, तो इसका जिम्मेदार संबंधित अधिकारी है — ऐसे अफसरों का परफॉर्मेंस ऑडिट कर उनका प्रमोशन रोक देना चाहिए।
*CII कार्यक्रम में फूटा गुस्सा*
गडकरी ने यह तीखी टिप्पणी 28 अक्टूबर को औद्योगिक संगठन CII के एक कार्यक्रम में की, जिसका वीडियो 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को सामने आया।
उन्होंने कहा —
> “बैतूल–भोपाल हाईवे की हालत बहुत खराब है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD) और रीजनल ऑफिसर (RO) की जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैंने इस मामले में मंत्रालय के सचिव को पत्र भी भेजा है।”
*बरेठा घाट से गुजरते वक्त दिखी सच्चाई*
दरअसल, 25 अक्टूबर को गडकरी अपने परिवार सहित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के दौरे पर आए थे। इस दौरान वे बैतूल–भोपाल हाईवे के बरेठा घाट से होकर गुजरे थे।
उसी दिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बारिश के बीच सड़क पर डामरीकरण होता दिखा। लोगों का कहना था कि यह काम मंत्री के दौरे को देखते हुए जल्दबाज़ी में किया गया।
*गडकरी ने पूछा– “कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा है क्या?*
गडकरी ने बताया कि उन्होंने मौके पर अधिकारियों से पूछा —
“ये सड़क की क्वालिटी कैसी है? तुम्हें दिखती नहीं क्या? कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा है क्या?”
उन्होंने आगे कहा —
“सड़क की दस साल की डिफेक्ट लायबिलिटी होती है। ठेकेदार की बजाय अब अधिकारी के पीछे लगना पड़ेगा।
*हाईवे की खराब हालत पर जनता में नाराजगी*
बैतूल–भोपाल नेशनल हाईवे की दुर्दशा पिछले एक वर्ष से लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरे निर्माण और फिर भी जारी टोल वसूली ने आमजन को नाराज कर रखा है।
कांग्रेस ने भी कई बार कुंडी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर टोल बंद करने की मांग उठाई थी।
*मंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन*
जब गडकरी 25 अक्टूबर को जंगल सफारी के लिए बैतूल पहुंचे थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने के लिए टोल पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन मंत्री वहां नहीं रुके।
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