दिल्ली से आई एक और बड़ी ख़बर प्रधान मंत्री जी का परीक्षा देने बच्चों को ज्ञान पूरा देखे और पढ़े – किस्मत न्यूज

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परीक्षा पे चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

Posted Date:- Apr 01, 2022

आप सबको नमस्कार | वैसे मेरा बड़ा प्रिय कार्यक्रम है लेकिन कोरोना के कारण, बीच में, मैं आप मे से साथियों को मिल नहीं पाया। मेरे लिए आज का कार्यक्रम जरा विशेष खुशी का है। क्योंकि एक लंबे अंतराल के बाद आप सबसे मिलने का मौका मिला। मुझे नहीं लगता है कि परीक्षा का आप लोगों को कोई टेंशन होगा। मैं सही हूं ना? मैं सही हूं ना? आप लोगों को कोई टेंशन नहीं होगा ना? अगर टेंशन होगा तो आपके माता–पिता को होगा। कि ये क्या करेगा। सच में बताइए किसको टेंशन है आपको, कि आपके परिवार वालों को? जिनको खुद को टेंशन है वो हाथ ऊपर करें। अच्छा अभी भी लोग हैं, अच्छा। और जिनका पक्का विश्वास है कि मम्मी पापा को टेंशन है वो कौन–कौन हैं? ज्यादा लोग वो ही हैं। कल विक्रम संवत नव वर्ष शुरू हो रहा है। और वैसे भी अप्रैल महीना हमारे देश में अनेक त्योहारों से भरा रहता है। मेरी आने वाले सभी त्योहारों के लिए आप सबको बहुत बहुत शुभकामनाएं। लेकिन त्योहारों के बीच में एग्जाम भी होती है और इसलिए त्योहारों का मजा नहीं ले पाते। लेकिन अगर एग्जाम को ही त्योहार बना दें। तो फिर वो त्योहार में कई रंग भर जाते हैं। और इसलिए आज का हमारा कार्यक्रम हम हमारे एग्जाम्स में त्योहार का वातावरण कैसे बनाएं, उसको रंगों से कैसे भर दें, उमंग, उत्साह के साथ हम परीक्षा के लिए कैसे प्रस्थान करें? इन्हीं बातों को लेकर के हम चर्चा करेंगे। कई साथियों ने बहुत सारे सवाल मुझे भेजे भी हैं। कुछ लोगों ने मुझे ऑडियों मैसेज भी भेजा है। कुछ लोगों ने वीडियो मैसेज भेजा है। मीडिया के साथियों ने भी स्थान–स्थान पर विद्यार्थीयों  से बाते करके कई सवाल निकाले हैं। लेकिन समय सीमा में जितना कर सकता हूं उतना जरूर करूंगा। लेकिन मैं इस बार एक नया साहस करने वाला हूं। बस क्योंकि पिछले पांच बार का अनुभव है कि बाद में कुछ लोगों की शिकायत रहती है कि मेरी बात रह गई। मेरी बात नहीं आई, वगैरह । तो मैं एक काम करूंगा इस बार कि आज जितना हो सकता है। समय की सीमा में हम बातें करेंगे। लेकिन बाद में आपके जो सवाल हैं। उसको मैं अगर समय मिला तो वीडियो के माध्यम से कभी प्रवास करते समय मेरे पास मौका होगा तो ऑडियो के माध्यम से या तो फिर रिटन टैक्सट के रूप में मैं नमो एप पर सारे चर्चा को फिर से एक बार आपके सामने जो चीजें यहां छूट गई हैं उसको रखुंगा ताकि आप नमो एप पर जाकर के और उसमें भी इस बार एक नया प्रयोग किया है, माइक्रो साईट बनाई है। तो वहां पर भी जाकर के आप इसका लाभ उठा सकते हैं। तो आईए हम कार्यक्रम प्रारंभ करते हैं। सबसे पहले कौन है?

प्रस्‍तुतकर्ता : Thank You Honorable Prime Minister Sir, माननीय प्रधानमंत्री जी आपका प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक उदबोधन सदैव हमें सकारात्मक उर्जा एवं विश्वास से भर देता है । आपके वृहद् अनुभव एव ज्ञानपूर्ण मार्गदर्शन की हम सब उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। माननीय, आपके आर्शीवाद एव अनुमति से हम इस कार्यक्रम का शुभारंभ करना चाहते हैं। धन्यवाद मान्यवर। माननीय प्रधानमंत्री जी भारत की राजधानी ऐतिहासिक नगरी दिल्ली के विवेकानंद स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा खुशी जैन आपसे प्रश्न पुछना चाहती हैं। खुशी कृप्या अपना प्रश्न पुछिए।

ये अच्छी बात है खुशी से शुरू हो रहा है। और यह हम भी चाहते हैं कि परीक्षा पूरी होने तक खुशी ही खुशी रहे।

खुशी : माननीय प्रधानमंत्री महोदय नमस्कार, मेरा नाम खुशी जैन है। मैं कक्षा बारहवीं विवेकानंद स्कूल आनंद विहर दिल्ली की छात्रा हूं। मान्यवर, मेरा प्रश्न है जब हम घबराहट की स्थिति में होते हैं तो परीक्षा के समय हम तैयारी कैसे करें? धन्यवाद।

प्रस्‍तुतकर्ता : धन्यवाद खुशी, मान्यवर साहित्यिक परंपरा के परिपेक्ष्य में अत्यंत समृद्ध प्रदेश छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कक्षा बारहवीं के छात्र ए. श्रीधर शर्मा कुछ इसी तरह की समस्या से जुझ रहे हैं। वो उत्सुक हैं प्रधानमंत्री जी के समक्ष अपनी बात रखने को श्रीधर कृप्या अपना प्रश्न पुछिए।

ए. श्रीधर शर्मा : नमस्कार माननीय प्रधानमंत्री महोदय, मैं ए. श्रीधर शर्मा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय न.1 छत्तीसगढ़ बिलासपुर के कक्षा बारहवीं आर्टस का छात्र हूं। महोदय मेरे प्रश्न कुछ इस प्रकार हैं – मैं परीक्षा संबंधी तनाव से कैसे निपटू? अगर मेरे अंक अच्छे नहीं आए तो क्या होगा? अगर मुझे अपेक्षित अंक प्राप्त नहीं हुए तो क्या होगा? और अंतत अगर मेरे ग्रेड अच्छे नहीं आए तो मैं अपने परिवार की निराशा से कैसे निपटु?

प्रस्‍तुतकर्ता : धन्यवाद श्रीधर, From the land where the Sabarmati Sant Mahatama Gandhi Ji started his Satyagrah Movement, I invite Keni Patel a Call 10th student of Vadodra who honestly seeks your guidance on similar challenges faced by her. Keni please ask your question.

Keni Patel : Greeting Prime Minister Sir, My name is Keni Patel, I am from Tree House High School, Vadodra, Gujarat from Class 10th. My Question is how to overcome the stress of completing the whole syllabus with the proper revision and hence advance in result & How to take proper sleeping and rest during the examination time. Thank You Sir.

प्रस्‍तुतकर्ता : Thank You Keni, माननीय प्रधानमंत्री जी खुशी, श्रीधर शर्मा तथा कैनी पटेल परीक्षा के तनाव से व्यथित  हैं। उन्हीं की तरह देश भर से अनेक विद्यार्थीयों ने exam stress से संबंधित प्रश्न पुछे हैं। परीक्षा के तनाव से लगभग सभी विद्यार्थी प्रभावित होते हैं। और आपके मार्गदर्शन के अभिलाषी हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी,

प्रधानमंत्री जी : एक साथ आप लोगों ने इतने सवाल पूछ लिए हैं कि ऐसा लग रहा है कि मुझे ही पैनिक से गुजरना पड़ेगा। देखिए आपके मन में भय क्यों होता है। ये प्रश्न मेरे मन में है। क्या आप पहली बार एग्जाम देने जा रहे हैं क्या? आपमें से कोई नहीं है जो पहली बार एग्जाम देने जा रहा है। मतलब के आपने बहुत सारे एग्जाम दे चुके हैं। और अब तो आप एक प्रकार से एग्जाम के इस दौर से आखिरी छोर की तरफ पहुंच चुके हैं। इतना बड़ा समंदर पार करने के बाद किनारे पर डुबने का डर ये तो दिमाग में बैठता नहीं है। तो पहली बात है कि आप मन में एक बात तय कर लीजिए कि परीक्षा जीवन का एक सहज हिस्सा है। हमारी विकास यात्रा का छोटे – छोटे- छोटे पड़ाव है। और उस पड़ाव से हमे गुजरना है और हम गुजर चुके हैं। जब इतनी बार हम एग्जाम दे चुके हैं। एग्जाम देते देते देते एक प्रकार से हम एग्जाम प्रूफ हो चुके हैं। और जब ये विश्वास पैदा हो जाता है। तो ये नही आने वाली किसी भी एग्जाम के लिए ये अनुभव अपने आपमे आपकी ताकत बन जाते हैं। इसे आपके इन अनुभव को जिस प्रक्रिया से आप गुजरे हैं। उसको आप कतई छोटा मत मानिये। दूसरा, ये आपके मन में जो पैनिक होता है। क्या ये तो नहीं है कि प्रेपरेडनेस में कमी है। कहने को तो हम कुछ कहते होंगे। लेकिन मन में रहता है। मेरा आपको सुझाव है। अब एग्जाम के बीच में समय तो ज्यादा है नहीं, इस बोझ को जीना है कि जो किया है उसमे विश्वास भर करके आगे बढ़ना है। हो सकता है एक दो चीजे छूट गई होगी। एक आध चीज में थोड़ी जितनी मेहनत चाहिए नहीं हुई होगी, इसमें क्या है। लेकिन जो हुआ है उसमे मेरा आत्मविश्वास भरपूर है। तो वो बाकी चीजों में भी ओवरकम कर जाता है। और इसलिए मेरा आपसे आग्रह है। कि आप इस प्रेशर में मत रहिए। पैनिक क्रिएट हो ऐसा वातावरण तो पनपने ही मत दीजिए। जितनी सहज दिनचर्या आपकी रहती है। उतनी ही सहज दिनचर्या मे आप अपने आने वाले परीक्षा के समय को भी बिताइये। एक्स्ट्रा कम अधिक जोड़ना तोड़ना  वो आपके पूरे स्वभाव से डिस्टर्बेंस पैदा करेगा। वो ये करता है तो चलो मैं भी ये करूंगा। मेरा एक दोस्त ऐसा करता है इसलिए उसको अच्छे मार्क्स आते हैं मैं भी वो करूंगा। आप वो कुछ मत कीजिए जो आपने सुना है। आप वही कीजिए जो इतने समय से आप करते आए हैं। और उसमें आप विश्वास भरिये। मुझे पक्का भरोसा है आप पर कि आप बहुत सरलता से, उमंग से, उत्साह से एक फेस्टिव मूड में एग्जाम दे पाएंगे और सफल हो कर रहेंगे।

प्रस्‍तुतकर्ता : Thank You Hon’ble Prime Minister Sir, for teaching us to except exam as a natural experience to believe in ourselves. Hon’ble Prime Minister Sir, the next question comes from Mysore, in Karnataka renowned for its heritage destinations and national parks, Tarun MB who is a class 11th student here seeks a solution to his problem, Tarun may be have your question please.

Tarun : Good Morning Sir, I am Tarun MB studying in class 11th at Jawahar Navodaya Vidyalaya, Mysuru, Karnataka. I express my sincere attitude in being given an

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