किस्मत न्यूज़ इंदौर,आयुक्त इंदौर नगर निगम क्या कानून नहीं जानते,,प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र।
|
😊 Please Share This News 😊
|
किस्मत न्यूज़ इंदौर नगर निगम आयुक्त ने एक आदेश जारी किया है कि नोटरी के आधार पर नामांतरण नहीं किया जाए,,ऐसा करने वाले खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
इसपर मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी ने सवाल उठाया,,
व्दिवेदी ने बताया कि क्या इंदौर नगरनिगम आयुक्त इंदौर नगर निगम या किसी भी निकाय, पंचायत व्दारा किये गये नामांतरण को स्वत्त्व का विधिक अधिकार मानते हैं।
तो फिर राज्य सरकार से गजट नोटिफिकेशन जारी करवाए कि नामांतरण विधिक स्वत्त्व का प्रमाण है।
व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि नगरनिगम के नामांतरण दाखला में तथा संपत्ति कर रसीद में स्पष्ट लिखा होता है कि यह स्वत्त्व का विधिक अधिकार नहीं है कर संग्रहण के लिए है, राजस्व संग्रहण के लिए यह होता है विभिन्न न्याय दृष्टांतों में उल्लैखित किया गया है।
व्दिवेदी ने सवाल उठाया आयुक्त इंदौर नगर निगम स्वयं नगरनिगम कार्यालय का अवलोकन करें,,महज पचास रुपए के शपथपत्र आधार पर नगरनिगम की लीज आवंटन आधार पर दी गई दुकानों,आदि के नामांतरण बाजार समिति ने करके सरकार के खजाने में लाखों रुपए की हानि पहुंचाई है तो नगरनिगम के अधिकारियों ने लीज नामांतरण राशि की हानि पहुंचाई है।
इंदौर के विभिन्न मार्केट जो नगरनिगम ने लीज आधार पर आवंटित किए हैं उसपर अनैतिक रुप से हस्तांतरण करके अन्य ने संस्थान चला रहे हैं अनैतिक लाभ कमा रहे हैं।
व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि क्या आयुक्त ऐसे संपतिकर खाते की,, नामांतरण को शून्य करेंगे,,जो बिना पंजीकृत बसीहत आधार पर,,बारसा आधार पर खोले गए हैं।
क्या आयुक्त स्वत संज्ञान लेकर आम जनता से ऐसे नामांतरण की शिकायत लेकर कार्यवाही करेंगे।
व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि नोटरी पब्लिक व्दारा दस्तावेज का सत्यापन किया जाता है,,,ना कि हस्तांतरण का विधिक दस्तावेज,,,
नगरनिगम सम्पतिकर विभाग ऐसे दस्तावेज आधार पर अगर खाता खोल रहा है तो मप्र सरकार के पंजीयन विभाग को उक्त दस्तावेज की छायाप्रति भेजें ताकि मप्र सरकार का पंजीयन विभाग स्टाम्प ड्यूटी बसूल करे।
इससे स्टाम्प ड्यूटी बचाने के तरीके पर रोक लगेगी तथा नोटरी बिधिक दस्तावेज नहीं है आम जनता के बीच संदेश जाएगा।
व्दिवेदी ने आरोप लगाया कि सस्ती लोकप्रियता खातिर तथा विभागीय अधिकारियों की कारगुजारी पर लगाम कसने खातिर विभागीय समीक्षा करने की बजाय अधिकारियों व्दारा चाहे जैसे आदेश जारी किए जाते हैं।
मप्र में भाजपा सरकार में शासकीय अधिकारियों व्दारा सीधे सीधे सेवा सिविल आचरण अधिनियम का उल्लघंन लगातार किया जा रहा है और मप्र सरकार मुक दर्शक बनी हुई है।
शासकीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों की तरह स्वयं को महिमा मंडित करवाने खातिर बयानबाजी, आदेश जारी किया जाता है और विभागीय अधिकारियों व्दारा मीडिया को सीधे सीधे जारी किया जाता है अधिकारियों व्दारा बयानबाजी की जाती है जबकि यह काम जनसंपर्क विभाग व्दारा किया जाना चाहिए।
आयुक्त इंदौर नगर निगम तथा अन्य अधिकारियों को मप्र सरकार निर्देश जारी करें कि सेवा सिविल आचरण अधिनियम का पालन करें।
भवदीय,,,
प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र 9826093634
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

