आमला/सारनी/*ट्राई-साइकिल में ब्लास्ट से दिव्यांग युवक की दर्दनाक मौत* *सारनी में बैटरी चलित ट्राई-साइकिल में आग लगने से मचा हड़कंप, मौके पर जिंदा जल गया युवक* अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
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आमला/सारनी। विद्युत नगरी सारनी में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बैटरी से चलने वाली ट्राई-साइकिल में हुए तेज धमाके (ब्लास्ट) के बाद आग लगने से दिव्यांग युवक सुनील लोखंडे की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। इस हादसे से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनील लोखंडे रोज की तरह शाम को ट्राई-साइकिल से घूमने निकले थे। शाम करीब 7:30 बजे जब वे जय स्तंभ के सामने पुलिया के पास पहुंचे, तभी अचानक बैटरी चलित ट्राई-साइकिल में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाके के साथ ही ट्राई-साइकिल में भीषण आग लग गई और सुनील उसकी चपेट में आ गए।
*धमाके की आवाज आई, लेकिन अंधेरे में किसी को अंदेशा नहीं हुआ*
घटनास्थल के पास मौजूद दुकानदारों ने बताया कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण किसी को यह अंदाजा नहीं हो सका कि इतना बड़ा हादसा हो गया है। पुलिया के पास एक बंद गुमटी के पीछे, सुनील ट्राई-साइकिल सहित आग में घिर गए और जलकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
कुछ समय बाद जब आसपास के दुकानदारों को जलने की तेज बदबू आई, तब वे मौके पर पहुंचे और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुनील पूरी तरह जल चुके थे।
*पुलिस और प्रशासन मौके पर*
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को सुरक्षित किया। इसके बाद एसडीओपी प्रियंका करचाम भी घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू की।
*4 साल पहले नपा से मिली थी ट्राई-साइकिल*
मृतक की मां ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत करीब 4 साल पहले नगर पालिका द्वारा ट्राई-साइकिल प्रदान की गई थी। इससे पहले सुनील बैसाखी के सहारे चलते थे। ट्राई-साइकिल मिलने के बाद वे सुबह-शाम नियमित रूप से बाहर घूमने जाते थे।
सुनील परिवार का होनहार बेटा था। जीवन यापन के लिए वह स्कूल के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करता था, हालांकि 2–3 साल पहले उसने यह काम बंद कर दिया था।
*4 साल से नहीं हुआ था मेंटेनेंस*
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि ट्राई-साइकिल मिलने के बाद से पिछले 4 वर्षों में उसका कोई मेंटेनेंस नहीं कराया गया था। आशंका जताई जा रही है कि बैटरी या वायरिंग में खराबी के चलते यह हादसा हुआ। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बैटरी चालित ट्राई-साइकिलों की नियमित जांच और मेंटेनेंस की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं न हों।
इस हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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