बैतूल.*भारत में आज भी छत्रपति शिवाजी की कहानियां गूंजती हैं* *धूमधाम से मनाई शिवाजी जयंती* अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
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बैतूल। वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर शाम को शिवाजी चौक पर छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा के समक्ष सैंकड़ों दीप प्रज्वलित किए गए साथ ही पुष्प वर्षा की गई। इस मौके वरिष्ठ समाजसेवी बीआर खंडागरे ने बताया कि एक वीर मराठा योद्धा जिसने हिंदवी साम्राज्य की स्थापना की। अनगिनत लड़ाइयां लडक़र, ढेरों बार मुगलों को हराकर सैकड़ों किले फतह किए। इसी दिन उस शिवाजी का जन्म हुआ था जिसे फादर ऑफ इंडियन नेवी भी कहते हैं। शिवाजी ये बस एक नाम नहीं, इतिहास के पन्नों में दर्ज पूरी गाथा है। युद्धनीति, वीरता और मराठा साम्राज्य की गाथा। छत्रपति शिवाजी महाराज वो नाम है, जो भारत के कोने-कोने में बसा ही है। भारत में आज भी शिवाजी की कहानियां गूंजती हैं। बाबा माकोड़े ने कहा कि शिवाजी महाराज ऐतिहासिक कहानी उस मराठा योद्धा की है जिसने मुगलों को इतनी बार हराया, इतने वार किए कि कई मुगल शासक तो उनके नाम से भी थर-थर कांपते थे। शिवाजी की नीतियां हमेशा किसानों और महिलाओं के पक्ष में होती थीं। कार्यक्रम का संचालन सरिता राठौर ने और आभार दिनेश मस्की, ने व्यक्त किया। इस अवसर पर दीपक राठौर, डॉ.एनआर साबले, रवि माकोड़े, तपन मालवीय, कृष्णा वागद्रे, गोपाल साहू, भगवत चढ़ोकार, मधु मस्की, नरेन्द्र गावंडे, वसंत वागद्रे, मुन्ना मानकर, केआर देशमुख, बीआर गलफट, संगीता देशमुख, साक्षी शर्मा, सेवंती माकोड़े, अशोक धोनी, कृष्णा वागद्रे आदि मौजूद थे।
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