इंदौर.मुख्यमंत्री जी जमीनी सच्चाई भी देखते साईबर पंजीयन व्यवस्था पहले,,प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट । – किस्मत न्यूज

किस्मत न्यूज

Latest Online Breaking News

इंदौर.मुख्यमंत्री जी जमीनी सच्चाई भी देखते साईबर पंजीयन व्यवस्था पहले,,प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट ।

😊 Please Share This News 😊

इंदौर.मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भौपाल में साईबर पंजीयन व्यवस्था का शुभारंभ किया,, घोषणा की गई कि घर बैठे 75तरीके के दस्तावेज इस व्यवस्था से हो जाएंगे।

जमीनी हकीकत इससे उलट सम्पदा 1एवं सम्पदा टु सिस्टम में रही है और हैं।

सम्पदा टु सिस्टम में तो और जटिलता है ओटीपी देने का,,जब तक ओटीपी नहीं मिलेगी स्लॉट पुरा नहीं होगा।

डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री जी मप्र में साईबर तहसील का रिकॉर्ड देखिए हकीकत पता चल जाऐगी 90%नामान्तरण आवेदन वापस किए जाते हैं कारण दस्तावेज सत्यापन का,,, तो जब तक आवेदक भृष्टाचार खातिर ना आए।

संपदा टु सिस्टम रजिस्ट्री खातिर लागू हैं,,, दस्तावेज पंजीयन खातिर लागू हैं आईडी बनाना फिर दस्तावेज अपलोड करने बाद पक्षकार की ओटीपी चाहिए होती है आपने विभागीय जानकारी प्राप्त की गृह निर्माण मंडल हो, विकास प्राधिकरण हो, नगरनिगम,नगर पंचायत,नगर पालिका, नजूल शाखा, कलेक्टर कार्यालय,, बैंक,,,या ग्राम पंचायत जिला प्रशासन सभी विभागों में अधिकारियों ने ऐजेंट पाले हुए हैं,,,सहज एवं सरल शब्दों में इनसे काम करने पर ही ओटीपी मिलती है,

फिर सिस्टम कब तक चलता है कब रुकता है जानकारी ले लिजिए,,,

उपपंजीयक मनमाने दस्तावेज उठाते है बाकी वसीहत आम मुख्तयार बैंक दस्तावेज आदि ईधर से ऊधर टरकाए जातें हैं।

सेवा प्रदाता जैसे निपुण जब घंटों मशक्कत करते हैं तब एकाध स्लॉट दिनभर में बुक करते हैं तो आम आदमी कैसे करेगा।

घर बैठे रजिस्ट्री का झुनझुना 2015से थमाया जा रहा है क्या हुआ पहले संपदा 1फिर टु,,, फिर अब यह झुनझुना,,,

हकीकत कभी देखी है।

रिफंड दस्तावेज और आवेदन पश्चात ठगे गए आम आदमी और सरकारी लुट के आंकड़े देख लिजिए,,,टिकट बुक आंकड़े देख लिजिए,,, संशोधन आंकड़े देख लिजिए।

फिर बड़ी बड़ी ढींगे हांकिऐ।

रजिस्ट्रेशन एक्ट कानून हैं स्टाम्प एक्ट कानून हैं रजिस्ट्री दस्तावेज का पंजीयन है जो इनसे चलता है पहले कानूनी रूप में सिस्टम को मजबूत किजिए। व्यवस्था सुनिश्चित किजिए भृष्टाचार पर लगाम कसे फिर ढींग हांके।

आपको जानकारी ही नहीं होगी कि मप्र के अधिकांश स्थानीय निकाय में लीज रिनिवल नहीं होती है कारण पता किजिए।

पहले धरातलीय सच्चाई जानिए।

उक्त आरोप मप्र कांग्रेस कमेटी के एक्स प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी ने लगाया है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]