जबलपुर *आज़ादी के 79 साल बाद भी मकानों की रजिस्ट्रारी से वंचित हैं छावनी वासी* *मानव अधिकार संगठन ने रक्षा मंत्री व सीएम को भेजा ज्ञापन*
|
😊 Please Share This News 😊
|
जबलपुर. मध्यप्रदेश की पांच छावनी सहित देश की 62 छावनियों में आज भी ब्रिटिश कानून पर अमल हो रहा है जिसके चलते इन क्षेत्रों में रहने वाले लाखों नागरिक मूलभूत सुविधाओं व मौलिक अधिकारों से वंचित हैं. शर्मनाक बात यह है कि आज भी केन्ट क्षेत्र में मकान, दुकान आदि की रजिस्ट्रारी नहीं होती है. इससे जहाँ नागरिकों को भारी दुश्वारियों से जूझना पड़ता है वहीं प्रदेश व केंद्र सरकार को भी करोड़ों रूपयों के राजस्व का नुकसान हो रहा है. यह बात मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के अध्यक्ष समाजसेवी अजय कुमार वाधवानी ने कही है. देश के रक्षा मंत्री व एमपी के सीएम को प्रेषित ज्ञापन में बताया गया है कि छावनी क्षेत्र में ज़मीन की रजिस्ट्रारी नहीं होने से एनओसी के नाम पर लोगों को ना केवल अनावश्यक परेशान किया जाता है बल्कि इससे भ्रष्टाचार भी पनप रहा है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. अमित सिसौदिया, जबलपुर अध्यक्ष डा. अजय कुमार वाधवानी, एड. भावना निगम, एड. आशीष त्रिपाठी, डाॅ. अभिषेक जैन, एड. अंकित मिश्रा, एड रोशन मंध्यानी, एड आशुतोष चतुर्वेदी, एड अमित खत्री एवं एड. विनीत कुमार ने
रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से मांग की हैं कि जल्द ही छावनी क्षेत्र में जमीन की विधिवत रजिस्ट्रारी प्रारंभ की जाए, इससे ना केवल संपत्ति के लेन देन में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार थमेगा बल्कि केन्द्र व राज्य सरकार को विभिन्न मदों से करोड़ों रूपए के राजस्व का लाभ होगा.
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

