आज की ब्रेकिंग न्यूज उज्जैन इन्दौर kismat news इंदौर सेंट्रल जेल में रोजा इफ्तार पार्टी ka कायक्रम हुवा संपन्न और ujjain चरक हॉस्पिटल में फिर आई लापरवाही 🎯 की खबर 🎤 चरक के सीईओ सर से हुई बात एडमिट papar what’s app करके समस्या का समाधान की बात हुई किस्मत न्यूज शोएब खान की
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- उज्जैन चरक हॉस्पिटल में एडमिट महिला को एंड टाइम में इन्दौर एम वाय हॉस्पिटल जाने को कहा

सेंट्रल जेल में रोज़ा इफ्तार
कैदियों ने अपराध से दूर रहने का लिया संकल्प
इंदौर। रमजान का मुबारक महीना इबादत करने और नेकियां कमाने का है। माहे रमज़ान में हर कोई अपने गुनाहों यानी पापों से तौबा (प्रायश्चित) करना चाहता है। इंदौर की सेंट्रल जेल में सैकड़ों बंदी भी रोजा रख रहे हैं।सेंट्रल जेल में तक़रीर के साथ रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया और दुआएं मांगी गई।आयोजक अख़्तर हुसैन ने बताया अपराधों से दूर रहकर नेकी की राह पर चलने की नसीहत दी गयी। मुख्य अतिथि शहर क़ाज़ी डॉ. इशरत अली, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एहतेशाम हाशमी, सर्वधर्म संघ के प्रमुख मंज़ूर बेग, सिख समाज से एसआई पाल, समीर खान, शहज़ाद अंसारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अध्यक्षता जेल अधीक्षिका अलका सोनकर ने की। जेल प्रशासन की तरफ से उपजेल अधीक्षक सुजीत खरे, आईएस नागर, सुनील मन्डलेकर, भूपेंद्र रघुवंशी मौजूद थे। इस मौके पर जेल अधीक्षिका अलका सोनकर का शाल, पुष्पमाला व गुलदस्ता देकर सम्मान से नवाज़ा गया। कार्यक्रम का संचालन ताहिर कमाल सिद्दीकी ने किया।
सुन्नी दावते इस्लामी के मौलाना नदीम रज़ा और निज़ामुद्दीन क़ादरी ने तक़रीर की। सभी बंदियों ने तक़रीर सुनी और साथ में रोज़ा इफ्तार किया। जेल अधीक्षिका अलका सोनकर ने बताया मुस्लिम बंदियों के साथ कई हिंदू बंदी भी रमजान माह में रोजा रख रहे हैं। जेल प्रशासन की ओर से इन रोजेदारों को बकायदा इफ्तार भी कराया जाता है। मुस्लिम बंदियों के साथ हिंदू बंदी रोजा रखकर कौमी एकता की अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं। मौलाना नदीम रज़वी ने तक़रीर में कैदियों से कहा कि गुनाहों से सच्ची तौबा दोज़ख (नरक)से निजात का जरिया बनती है।उन्होंने कहा रमज़ान का महीना दिलों को नरम करने के लिए आया है,इसलिए हमारे व्यवहार में नम्रता लाना चाहिए। क़ाज़ी इशरत अली ने कहा जेल में क़ैदियीं को रोटी, कपड़ा और रहने का स्थान मिल रहा है, अगर उनके परिजन को रोटी कपड़ा, मकान की कोई परेशानी हो तो बताएं। हम उसका इन्तज़ाम करेंगे।इफ्तार से पहले जब दुआ मांगी गई। सभी बन्दियों ने एक जाजम पर बैठकर रोज़ा खोला और मगरिब की नमाज़ अदा कर देश की खुशहाली की दुआ मांगी और अपराध से दूर रहने का संकल्प लिया।आभार अख्तर हुसैन ने माना।
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