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बदल गया वक्त, बदल गयी बातें, बदल गयी मोहब्बत। कुछ न बदला तो इन आँखों में, नमी और तेरी कमी।। खेर ईद मुबारक सभी भारत वासियों को breking news 🎤 जोधपुर से आई बडी खबर फिलहाल पोलिस ने शान्ति करदी है पुरी खबर देखे जोधपुर में हिंसा केसे हुई

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  • कैसे शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार विवाद की शुरूआत सोमवार रात 11 से 12 बजे के बीच हुई। जब अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोग ईद के मौके पर जालोरी गेट के पास एक चौराहे पर धार्मिक झंडे लगा रहे थे। उन्हें ऐसा करता देख दूसरे समुदाय के लोग पहुंच गए। उनका दावा था कि चौराहे पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर इस्लामिक झंडा लगाया जा रहा था। जिसका वे लोग विरोध कर रहे थे क्योंकि परशुराम जयंती के अवसर पर वहां लगे भगवा ध्वज को हटाकर इस्लामिक ध्वज लगा दिया गया था। इसको लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए और फिर झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज भी किया।और हालात को देर रात काबू में पा लिया गया। लेकिन सुबह फिर हिंसा शुरू हो गई। जोधपुर पुलिस आयुक्त नवज्योति गोगोई ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और उपद्रवियों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं।

नमाज के बाद फिर हिंसा

 

अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई । लेकिन इसके बावजूद जब मंगलवार को सुबह जालोरी गेट के पास ईदगाह पर ईद की नमाज अदा की गई तो नमाज के बाद फिर तनाव बढ़ गया। और इलाके में पथराव शुरू हो गया जिसमें कुछ वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए। और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा जी की प्रतिमा पर अराजक तत्वों द्वारा इस्लामिक झंडे लगाना एवं परशुराम जयंती पर लगे केसरिया झंडे हटाना निंदनीय है। साथ ही पूनिया ने राज्य सरकार से मांग कि है कि अराजक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो, राज्य में कानून का राज स्थापित हो।

  • भारत की एकता और अखंडता को दर्शाते एक ही दिन पड़ने वाले इन त्योहारों में भी कुछ अराजक तत्वों ने हिंसा जैसी अप्रिय घटना को अंजाम देकर इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की है। हालांकि, इसके विपरीत देश के विभिन्न इलाकों में ईद (Eid 2022) और परशुराम जयंती के अवसर पर सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ऐसे में जगह-जगह पर भारी सुरक्षा बल (Security Forces) तैनात किया गया है लेकिन इसके बावजूद जोधपुर (Jodhpur) और अनंतनाग (Anantnag) में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर जोधपुर में जहां झंडा लगाने को लेकर दो सम्प्रदाय के लोगों के बीच हिंसा भड़क गई। वहीं, अनंतनाग में ईद की नमाज (Eid Ki Namaz) के दौरान मस्जिद के बाहर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है।

 

जोधपुर में हुई हिंसा (फोटो साभार- ट्विटर)

 

हिंसा के बाद अलर्ट पुलिस

 

सुबह के समय ऐसी कुछ घटनाओं के बाद अब प्रशासन हाई अलर्ट (High Alert) पर आ गया है। कई संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षाबल तैनात कर ड्रोन कैमरे (Drone Cameras) से निगरानी की जा रही है। ऐसे में मध्य प्रदेश स्थित खरगोन, दिल्ली स्थित जहांगीरपुरी, पश्चिम बंगाल स्थित बीरभूम और जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के कई इलाकों में बीते समय हुई हिंसा (Violence) के बाद विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

कुछ हिंसक घटनाओं के बावजूद सभी जगहों पर ईद की नमाज सकुशल अदा कर ली गयी है तथा अब पूरे दिन पुलिस टीम द्वारा इन इलाकों की सघन निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

 

एक ओर जहां जहांगीरपुरी में सुरक्षा के नजरिये से विशेष अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है वहीं दूसरी ओर खरगोन में 24 घंटे के लिए कर्फ्यू (Curfew) लगा दिया गया है और सभी को घरों में रहकर ही त्योहार मनाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

सीएम ममता बनर्जी (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

 

ममता बनर्जी ने कहा- हम एकता पर करते हैं भरोसा

 

इसी के साथ पश्चिम बंगाल में ईद के अवसर पर सीएम ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने संबोधित करते हुए कहा कि हम एकता पर भरोसा करते हैं, हमारा लक्ष्य सभी को साथ लेकर चलने का है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म अथवा समुदाय का हो। महाराष्ट्र में राज ठाकरे द्वारा ईद के अवसर पर महाआरती और हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर मना करने के बाद भी कई संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है।

 

देश के विभिन्न प्रदेशों में प्रशासन द्वारा सभी धर्मोत्सवों को सकुशल रूप से सम्पन्न कराने को लेकर सुरक्षा और अन्य दृष्टि से बेहतर काम करती नज़र आ रही है।

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