राजपदाधिकारियों के विचार,कार्य,व्यवहार व आचरण मे सत्य,न्याय व मानवीयता की उपस्थिति मे निष्ठापूर्वक कर्त्तव्यपालन से राजधर्म का पालन होने से ही अमृतकाल का अभ्युदय होता है। न्याय “भारती ” rigards सय्यद आशिक अली उज्जैन
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