बहू की डिलेवरी तथा देवास रेफर करने के नाम से नर्स पर रूपये मांगने के आरोपपीड़िता की सास ने बीएमओ तथा पति ने सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत.मामला पीपलरावां के शासकीय प्राथमिक केंद्र कासोनकच्छ स्थान सोनकच्छ मध्यप्रदेश दिनांक 19/12/2023 रिपोर्टर शेख इकबाल पत्रकार
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- पीपलरावां – नगर का शासकीय प्राथमिक केंद्र आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। यहां पर डिलेवरी करवाने वाले वाली महिलाओं से कभी नेक के नाम पर तो कभी केस बिगड़ने का हवाला देकर रैफर करने के नाम पर रूपयों की मांग की जाती है, किंतु मामला स्थानीय स्तर पर समझौता कर या माफी मांगकर दबा दिया जाता है। जिसके कारण दोषी कर्मचारी हर बार कार्यवाही से बच जाते हैं। किंतु ताजे मामले में फरियादी ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन तथा मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी सोनकच्छ को आवेदन देकर की है। शिकायतकर्ता जमनाबाई पति दरियाव सिंह जाति बलाई निवासी ग्राम खुंटखेड़ा ने बताया कि मैं अपनी बहू अग्निदेवी की डिलेवरी के लिए पीपलरावां के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 13 दिसंबर की रात्री को डेढ़ बजे के करीब गई थी। वहां पर मैं कामिनी ठाकुर मेडम से मिली थी। ठाकुर ने मुझसे कहा कि तुम्हारी बहू की बच्चादानी बाहर आ गई है और आंवल भी बाहर आ गई है। मैं लिखकर दे देती हूं तुम इन्हें देवास ले जाओ। आपकी बहू का आपरेशन होगा। मैंने ठाकुर मेडम से कहा कि आप एक बार फिर से ठीक से देख लो। ठाकुर मेडम मुझसे 2 हजार रुपए मांगने लगी तथा मुझे बाहर करते हुए कहा कि तुम इन्हें तुरंत देवास ले जाओ। सोनकच्छ मत ले जाना, नहीं तो तुम्हारी बहू की मृत्यु हो जाएगी या फिर बच्चे की। ऐसा सुनकर मैं काफी परेशान हो चुकी थी, मैंने एंबुलेंस वाले भाईसाब से कहा कि हमें सोनकच्छ या देवास ले जाओ। तो अस्पताल में ठाकुर मेडम ने मना कर दिया और कहा कि तुम 10 हजार रुपए जमा करा दो तो हम तुम्हें यहां से देवास अस्पताल छोड़ देंगे। जिसके बाद मैंने अपने बेटे राहुल को फोन लगाकर बुलाया तब तक मेरी बहू ठंड में बाहर खड़ी रही। अस्पताल में सभी नर्स देख रही थी और मुझको देखकर हंसने लगी। आवेदन में प्रार्थी ने कामिनी ठाकुर नर्स के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने की मांग की है। पीड़िता के पति राहुल ने बताया कि घटना की जानकारी मेरी मां ने मुझे फोन पर बताई। इसके बाद मैं अपने गांव से एक निजी गाड़ी करके पीपलरावां अस्पताल पहुंचा। जहां से अपनी पत्नी व मां को लेकर सोनकच्छ सिविल अस्पताल पहुंचा जहां उसकी आधे घंटे बाद नार्मल डिलेवरी हो गई। राहुल ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर करते हुए मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी सोनकच्छ को आवेदन देकर दोषी नर्स के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
वर्जन – इस प्रकार की शिकायत हमारे पास आई है। हमने संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस भेजकर 3 दिवस में जवाब मांगा है। साथ ही पालन प्रतिवेदन बनाकर सीएमएचओ को भेज दिया है। दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जावेगी – डाक्टर शैलेंद्र ओरैया बीएमओ सिविल अस्पताल सोनकच्छ।
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