अगर किसी शख्स (औरत या मर्द) को इबादत ऐ ईलाही और खिदमत ए ख़ल्क़ फ़ी सबी-लिल्लाह की तौफिक व ताक़त है,तो ऐसा शख्स खुश नसीब होकर उसे दीन,दुनिया व आखिरत की असल कामयाबी की सिरातल मुसतक़ीम मयस्सर हो जाती है।
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” सिराज ऐ मुनीर “
🙂🙂🙂🙂🙂
Respected sisters and brothers,
अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकतुल्लाह।
” खुश नसीब शख्स “
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अगर किसी शख्स (औरत या मर्द) को इबादत ऐ ईलाही और खिदमत ए ख़ल्क़ फ़ी सबी-लिल्लाह की तौफिक व ताक़त है,तो ऐसा शख्स खुश नसीब होकर उसे दीन,दुनिया व आखिरत की असल कामयाबी की सिरातल मुसतक़ीम मयस्सर हो जाती है।
इक़बाल “नूरानी”
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Regards:Iqbal Khan Gauri,Retired District Judge,M.P.
Now:Law adviser and Human duties Activist,Ujjain.
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