*कालोनाइजर को चेक बाउंस के मामले में एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा* उज्जैन /बड़नगर/जगदीश परमार
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न्यायिक दंडाधिकारी महोदय प्रथम श्रेणी बड़नगर के न्यायाधीश ऋचा गोयल बंसल के न्यायालय से कालोनाईजर गोविंद सांखला पिता कन्हैयालाल सांखला निवासी 54 जुनी कलाल सेरी रतलाम म.प्र. को चेक अनादरण मामले में एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी है एवं 723459/- रूपये प्रतिकर प्रदान करने के आदेश दिए गये है।
प्रकरण इस प्रकार है की सिविल हास्पिटल भाटपचलाना में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ सुनील कुमार परमार ने आरोपी कालोनाईजर गोविंद सांखला पिता कन्हैयालाल से 1800 वर्गफीट का एक प्लाट बंजली में रुपये 6,00,000/- में क्रय किया था किन्तु आरोपी उसकी वेध अनुमति न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं कर रहा था। परिवादी द्वारा दबाव बनाये जाने पर उसने रजिस्ट्री करने में असमर्थता जाहिर की तथा प्राप्त किये हुए रूपये 6,00,000/- वापस परिवादी को भुगतान करने के लिए एक चेक प्रदान किया जो अनादरित हो गया । परिवादी डॉ सुनील कुमार परमार ने अपने अभिभाषक लोकेन्द्र पटेल अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया जो प्रकरण क्रमांक SC NIA /67/2023 पर दर्ज हुआ था । न्यायालय ने गुण दोषो के आधार पर आरोपी गोविंद सांखला को दोष सिद्ध किया तथा आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया गया तथा प्रतिकार राशी न अदा करने की दशा में तीन महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।
चेक बाउंस केस में सजा
परिवादी डॉक्टर सुनील कुमार परमार मेडिकल ऑफिसर सिविल हॉस्पिटल भारटपचलाना द्वारा आरोपी गोविंद सांखला पिता कन्हैयालाल सांखला निवासी 54 जुनी कलाल सेरी रतलाम मध्य प्रदेश के विरुद्ध धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम 1881 के तहत 600000 के चेक बाउंस का प्रकरण प्रस्तुत किया गया था जिसमें न्यायिक दण्डाधिकारी महोदय प्रथम श्रेणी रिचा गोयल बंसल बडनगर द्वारा आरोपी गोविंद सांखला पिता कन्हैया लाल सांखला को 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 723459 के प्रतिकार से दंडित किया गया ।
उक्त प्रकरण में परिवादी डॉक्टर परमार की ओर से अभिभाषक श्री लोकेंद्र पटेल ने पैरवी की।
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