कुलगुरु की अनियमितताओं के खिलाफ महामहिम के नाम संभागायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन।* – किस्मत न्यूज

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कुलगुरु की अनियमितताओं के खिलाफ महामहिम के नाम संभागायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन।*

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*रादुविवि में सत्र 2024-2025 की संबद्धता प्रक्रिया अधर में*

जबलपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदेश सचिव अदनान अंसारी के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर संभागायुक्त को महामहिम राज्यपाल महोदय के अपर मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा के प्रशासनिक कार्यों में व्याप्त लापरवाही, संबद्धता प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और महाविद्यालयों एवं छात्रों के हितों की अनदेखी को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई। 

ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि सत्र 2024-25 के लिए संबद्धता प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं की गई है, जिससे जबलपुर संभाग के अनेक महाविद्यालयों का भविष्य अधर में लटक गया है। संबद्धता प्रक्रिया विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण कार्य है, जो यह सुनिश्चित करता है कि महाविद्यालय शैक्षणिक गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और अन्य आवश्यक मानकों पर खरे उतर रहे हैं। लेकिन कुलगुरु द्वारा निरीक्षण समितियों के गठन और संबद्धता प्रदान करने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, जिससे न केवल शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है बल्कि छात्रों को मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में यह ज्ञात हो कि संबद्धता की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से सम्पन्न करने हेतू कुलगुरु ही जि़म्मेदार होते हैं। उन्हीं के द्वारा निरीक्षण समितियों का गठन किया जाता है।

NSUI ने आरोप लगाया कि निरीक्षण समितियों का गठन पक्षपातपूर्ण तरीके से किया गया है, जिसमें योग्य विषय विशेषज्ञों की अनदेखी कर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त लोगों और कुलगुरु के करीबी व्यक्तियों को शामिल किया गया है। यह गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इस तरह की समितियाँ महाविद्यालयों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का उचित आकलन नहीं कर सकतीं, जिससे संबद्धता की पूरी प्रक्रिया संदिग्ध बन जाती है। 

अदनान अंसारी ने बताया कि विश्वविद्यालय संबद्धता प्रक्रिया को पूरा किए बिना ही वार्षिक परीक्षाएँ आयोजित कर रहा है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यह छात्रों और महाविद्यालयों के लिए अत्यंत चिंता का विषय है क्योंकि बिना संबद्धता के परीक्षा आयोजित करना उच्च शिक्षा की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है, लेकिन जब संबद्धता ही अधूरी हो, तो यह प्रक्रिया निष्पक्ष और न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।  

 

छात्र संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों और मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इन प्रावधानों के तहत यह विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है कि वह संबद्धता प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से पूर्ण करे, लेकिन वर्तमान प्रशासनिक लापरवाही से स्पष्ट है कि कुलगुरु इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने में असफल रहे हैं।  

NSUI ने ज्ञापन के माध्यम से यह माँग की कि कुलगुरु की भूमिका की निष्पक्ष जाँच की जाए और संबद्धता प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं के लिए उन्हें उत्तरदायी ठहराया जाए। संगठन ने यह भी अनुरोध किया कि निरीक्षण समितियों में योग्य विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाए और संबद्धता प्रक्रिया को शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जाए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से प्रतीक गौतम, एजाज अंसारी, अनुराग शुक्ला, वाजिद अनवर, सैफ अली, शिशांत ठाकुर,शफी खान अंकित कोरी, विशाल ठाकुर आदि उपस्थित थे सूत्र……

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