कर्म सत्ता किसी को नहीं छोड़ती चाहे राजा हो या रंक
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व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुरूप ही फल की प्राप्ति होती है— साध्वी श्री
रिपोर्ट मनोहर मालवीय
महिदपुर रोड स्थानीय श्री सुविधि नाथ जैन मंदिर परिसर स्थित राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में विराजित परम पूज्य साध्वी श्री सुपार्श्व निधि जी महाराज साहब ने बुधवार को धर्म सभा मेंजिनवाणी का रसपान कराते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुरूपी फल की प्राप्ति होती है चाहे राजा हो या रंग कर्म सत्ता किसी को नहीं छोड़ती है नव पद ओली आराधना में देवगुरु धर्म का समावेश है इनकी आराधना करने से व्यक्ति संसार रूपी सागर से तीर जाता है बीसवें तीर्थंकर मुनिसुव्रत नाथ स्वामी के समय से ये अत्यंत प्रभावशाली नवपदआराधना सतत चली आ रही है। पूज्य साध्वी जी द्वारा श्रीपाल रास ग्रंथ के मंगलमय प्रवचन द्वारा ज्ञान की गंगा को नित्य प्रभाहित किया जा रहा है धर्मसभा में सकल जैन श्री संघ, श्रावक श्राविकाओ ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया पूज्य साध्वी श्री के मंगलमय प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9: 15 से 10:30 बजे तक ज्ञान मंदिर की में चल रहे हैं । आप श्री की पवन करी मिश्रा में 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चैत्र मास की नव पद ओली आराधना विधि विधान के साथ संपन्न की जाएगी उक्त जानकारी जैन समाज की मीडिया प्रभारी सचीन भंडारी ने दी
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