पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन अष्ठानिका का हुआ प्रवचन आत्मा को सजाने का पर्व है पर्युषण
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रिपोर्ट मनोहर मालवीय
महिदपुर रोड वर्धमान स्वाध्याय मंडल के स्वाध्याय बंधु सचिन भंडारी एवं ऋषभ जैन के निर्देशन में धर्मनाथ स्वामी जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व की आराधना के प्रथम दिन स्वाध्याय बंधु सचिन भंडारी ने अष्ठानिका के प्रवचन में उपस्थित समाज जनों को जिनवाणी का रसपान कराते हुए कहा कि पर्व दो प्रकार के होते हैं लौकिक और लोकोत्तर लौकिक पर्व बाहरी साज-सज्जा मौज शौक शरीर को सजाने वाले होते हैं जैसे अच्छा खाना पीना घूमना अच्छे कपड़े पहनना वहीं लोकोत्तर पर व आत्मा को स्वच्छ निर्मल सजाने का कार्य जप तप साधना आराधना के माध्यम से किया जाता हैं पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को 5 कर्तव्यो के बारे में बताया गया जिसमें अमारी प्रवर्तन, साधार्मिक वात्सल्य, क्षमापना अंठम तप ,चैत्य परिपाटी के बारे में समझाया गया प्रतिदिन पर्युषण महापर्व में भक्तांबर स्नात्र पूजा प्रवचन, प्रतिक्रमण ,आरती, भक्ति विभिन्न प्रकार की धार्मिक प्रतियोगिताएं संपन्न की जाएगी 24 तारीख को भगवान महावीर स्वामी का जन्म वांचन का भव्य समारोह मनाया जाएगा जिसमें 14 महास्वप्न पालना जी आरती,आदि का चढ़ावा बोला जाएगा 27 तारीख को सावंत्सरिक महापर्व प्रतिक्रमण के माध्यम से सभी जीवों से क्षमा याचना कर मनाया जाएगा व
ऊक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी
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