उज्जैन.1857 की क्रांति का नेतृत्व करने वाले सम्राट बहादुर शाह जफर की 163 वी जयंती शहीद पार्क पर मनाई गई l. सर सैयद अहमद वेलफेयर सोसाइटी द्वारा..
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सर सैयद अहमद वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष पंकज जायसवाल एवं संरक्षक सैयद आबिद अली मीर ने विस्तृत जानकारी देते बताया आज 1857 क्रांति का नेतृत्व करने वाले सम्राट बहादुर शाह जफर की 163 वी जयंती एवं देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी वीरों को शहीद स्मारक पर सर सैयद अहमद वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बहादुर शाह जफर के चित्र पर पुष्प वर्षा की गई एवं शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों का स्मरण किया गया l समाजसेवी इकबाल उस्मानी ने बहादुर शाह जफर के बलिदान को याद करते हुए कहा अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ 1857 की क्रांति का नेतृत्व करने वाले बहादुर शाह जफर ने देश के लिए अपना सर्वोच्च निछावर किया आपने 1857 क्रांति का नेतृत्व किया आपके साथ नाना साहब देशमुख, तात्या टोपे ,रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, मंगल पांडे आदि क्रांतिकारियों ने 1857 में अंग्रेजों हुकूमत के खिलाफ क्रांति की चिंगारी पूरे देश में लगाकर अंग्रेजी हुकूमत को लडखड़ा दिया l लेकिन कुछ गद्दारों की वजह से यह क्रांति विफल हो गई l हजारों क्रांतिकारियों को अंग्रेजों ने शहीद कर दिया l हजारों को गिरफ्तार कर लिया l सम्राट बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर उनके बेटों के सर काट कर उनको थाली में भेंट किए l आपको निर्वासित कर रंगून भेज दिया जहां 7 नवंबर 1862 को आपका निधन हो गया l आपके पार्थिव शरीर
को हिंदुस्तान में अंग्रेज हुकूमत ने नहीं आने दिया और आपकी समाधि म्यांमार में ही बनाई गई l गायक डॉ. तेज कुमार मालवीय ने बहादुर शाह जफर की रचना. ‘ ना किसी की आंख का नूर हूं’ प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की l बहादुर शाह जफर एवं 18 57 क्रांति के सभी क्रांतिकारियों को शिक्षाविद सादिक मंसूरी , सेवानिवृत् S.i जहीरूद्दीन नागौरी, चेतन ठक्कर, अनुदीप गंगवार, रेहान शफ़क़ ,मध्य प्रदेश हज कमेटी के पूर्व सदस्य इकबाल हुसैन, जाहिद नूर एडवोकेट, शाकिर शेख,आजम खान गंगाधर महा ,शरीफ खान, सैयद उस्मान हसन, जगन्नाथ अष्टकर ने श्रद्धांजलि अर्पित की उपरोक्त जानकारी सचिव धर्मेंद्र राठौर और प्रवक्ता सैयद आशिक अली ने दी
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