इंदौर का मास्टर प्लान आखिरकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अभी तक देखा क्यों नहीं।।। – किस्मत न्यूज

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इंदौर का मास्टर प्लान आखिरकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अभी तक देखा क्यों नहीं।।।

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किस्मत न्यूज़ इंदौर,सपनों का शहर है स्वयं से बढ़ता शहर है,, इंदौर के विकास के लिए मास्टर प्लान आवश्यक है और इसके कारण सैकड़ों निवेशक लगातार उत्सुकता दिखा रहे हैं।

भाजपा सरकार में आखिरकार मास्टर प्लान को लेकर उदासीनता क्यों है।

नगरीय प्रशासन विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट स्वीकार किया है कि मास्टर प्लान तैयार है बस मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पास समय नहीं है उसे देखने का,,,

वहीं दुसरी तरफ गजट नोटिफिकेशन मप्र शासन का जो है उस अनुसार जिले के प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री जी स्वयं है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कहते हैं कि वे जिले के प्रभारी मंत्री नहीं है और जहां जहां कोई प्रभारी मंत्री नहीं है वहां वहां के वे है।

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी ने आरोप लगाया कि इंदौर में सभी विधायक भाजपा दल के है सांसद, महापौर, जिला परिषद,जनपद क्या इंदौर शहर एवं जिले ने भाजपा को जिताकर अपराध किया एक तरफा जिता कर जनता हलाकान है।

अधिकारियों की हिटलरशाही से मनमानी से आम जनता हलाकान है।

जनहित याचिका में न्यायालय लगातार लताड़ लगा रहा है।

स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर किया गया घोटाला प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच आदेश जारी होने से साबित हो गया कि स्मार्ट सिटी योजना घोटाले की भेंट चढ़ी हुई है।

तो सवाल उठता है कि आखिरकार इंदौर के साथ सोतेलापन क्यों किया जा रहा है।

क्यों लगातार इंदौर के विकास को अवरूद्ध करने की कवायद की जा रही हैं।

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी ने सवाल उठाया क्या हुकुमचंद मिल की रजिस्ट्री पर मप्र सरकार को 26करोड से अधिक की स्टाम्प ड्यूटी का फटका लगा,, मप्र गृह निर्माण मंडल ने स्टाम्प ड्यूटी की चोरी की है।

मप्र सरकार के ही दुसरे विभाग पंजीयन विभाग ने धारा 48ख में प्रकरण दर्ज किया है।

जब किसी संपत्ति पर बकाया हो सरकार का तो फिर उस संपत्ति का नामांतरण, नक्क्षा, डायवर्सन आदेश आदि नहीं जारी होता क्या डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री होने के नाते इसकी जानकारी नहीं रखते फिर गृह निर्माण मंडल के किन अधिकारियों ने समस्त तथ्य छुपाऐ गृह निर्माण मंडल हुकुमचंद मिल पर कैसे विकास कार्य करे योजना बनाएं इसकी बैठक किस अधिकारी ने आहूत करवाई उसके इस कृत्य पर सरकार को कार्यवाही करना चाहिए।

इंदौर कलेक्टर शिवम् वर्मा को इस बैठक पर आपत्ति लेना चाहिए थी।

व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि कानून सभी के लिए समान होता है तो फिर हुकुमचंद मिल मामले में सरकार का दोहरा चरित्र क्यों,,

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर के मास्टर प्लान को देख नहीं रहे 

परंतु हुकुमचंद मिल पर योजना बनाई जाए खातिर उत्सुक क्यों,,,

जबाब चाहिए।

भवदीय,,,

प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र 

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