नकली आकर्षण से सावधान, सच्ची भक्ति ही जीवन का आधार” — श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का संदेश. रीपोर्ट मनोहर मालवीय।
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ठाकुर जी एवं बाबा खाटू श्याम को लगाया 56 व्यंजनों का भोग
श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का आयोजन भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने भाव-विभोर होकर कथा श्रवण किया।
कथा प्रवक्ता पूज्य श्री सुनीलकृष्ण जी व्यास (बेरछा वाले) ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन करते हुए पूतना प्रसंग पर गहन संदेश दिया। उन्होंने कहा—
“नकली चीज़ में आकर्षण अधिक होता है, लेकिन वह अंततः विनाश का कारण बनती है; सच्चाई और भक्ति ही शाश्वत सुख देती है।”
इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने जीवन में दिखावे और छल से दूर रहने का संदेश दिया।
पंचम दिवस में श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा तथा 56 भोग दर्शन का भावपूर्ण वर्णन किया गया। गोवर्धन पूजा के प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार के नाश और प्रकृति व कर्म के महत्व का सुंदर संदेश दिया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने गहरे भाव से आत्मसात किया।
विशेष आकर्षण के रूप में कथा स्थल पर बाबा खाटू श्याम जी का भव्य दरबार सजाया गया। 56 भोग की आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अलौकिक झांकी का सुंदर एवं कलात्मक संयोजन सतीश गंगवाल द्वारा किया गया, जिसकी सभी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
पंचम दिवस की आरती एवं प्रसादी के यजमान
श्री राजेंद्र जी मंडोवरा, श्री पंकज जी मंडोवरा एवं समस्त मंडोवरा परिवार रहे। यजमान परिवार द्वारा श्रद्धा भाव से आरती एवं प्रसादी का आयोजन किया गया।
पंचम दिवस की कथा ने श्रद्धालुओं को यह प्रेरणा दी कि जीवन में बाहरी आकर्षण नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति, सरलता और कर्म ही मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाते हैं। आज की कथा में तराना, शिप्रा, खारवा, बरसी, हाटपीपल्या आदि स्थानों के श्रद्धालु भी कथा श्रवण करने पधारे। श्रीमद् भागवत कथा में सभी नगर वासियों ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया उक्त जानकारी नगर के सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने दी
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