उज्जैन की सरजमीं, शिप्रा नदी के रामघाट के समीप स्थित शहंशाह-ए-मालवा हजरत ख्वाजा मौलाना मुगीसुद्दीन मौज चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का 673 वां उर्स-ए-मुबारक आज बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हो गया। सय्यद आशिक अली की रिपोर्ट ।
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उज्जैन
,यह चार रोज़ा उर्स 28 सितंबर से 01 अक्टूबर 2026 तक मनाया गया।
30 सितंबर को उर्स के तीसरे दिन मुख्य कार्यक्रम हुए। नमाज-ए-जोहर के बाद लंगर-ए-आम का एहतमाम किया गया। हजरत अरजानी शाह दूल्हा की जानिब से दरगाह पर चादर पेश की गई। इसके बाद नमाज-ए-ईशा के बाद महफिल-ए-समा का आयोजन हुआ, जिसमें कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर हजरत को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
इस मौके पर दरगाह के सज्जादानशीन और अंजुमन कमेटी ने देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की।
आज 01 अक्टूबर को उर्स के आखिरी दिन कुरआन ख्वानी, कुल की फातिहा और रंग की महफिल के साथ उर्स का समापन किया गया।
उर्स के दौरान दरगाह परिसर को फूलों और रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। उज्जैन सहित मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से हजारों जायरीनों ने शिरकत की।
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