उज्जैन.छत्री चौक, शाही मस्जिद में सड़क चौड़ीकरण के दौरान हुई घटना के संबंध में स्पष्टीकरण और शांति बनाए रखने की अपील। सय्यद आशिक अली की विशेष ख़बर।
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उज्जैन शहर के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में नगर निगम द्वारा किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान दिनांक [01/10/2026] को एक तकनीकी हादसा हुआ। इस संबंध में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि अत्यंत निंदनीय है।
इस संबंध में शहर क़ाज़ी हज़रत मौलाना ख़लीक़ उर रहमान साहब द्वारा निम्नलिखित तथ्य स्पष्ट किए गए हैं:
1. मस्जिद के बाधक हिस्से को सुरक्षित रूप से हटाने हेतु मस्जिद कमेटी द्वारा स्वयं लिखित रूप में प्रशासन से तकनीकी सहायता की मांग की गई थी। 2. कार्य निष्पादन के दौरान हुई प्रशासनिक/तकनीकी चूक के कारण मीनार का एक हिस्सा छत पर गिर गया। यह एक आकस्मिक दुर्घटना है, न कि किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का कृत्य। 3. इस घटना में किसी भी समुदाय या प्रशासन की कोई दुर्भावना शामिल नहीं है।
कानूनी पहलू और अपील:
भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, वहीं अनुच्छेद 19(2) के तहत लोक व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
किसी भी प्रकार की झूठी अफवाह फैलाना, जिससे दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा हो, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दंडनीय अपराध है।
अतः समस्त नागरिकों, विशेषकर युवा वर्ग से अपील है कि:
क) किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड / शेयर न करें।
ख) किसी भी स्थान पर बिना अनुमति भीड़ एकत्रित न करें, जो कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का उल्लंघन है।
ग) शहर की शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।
उज्जैन की गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
उज्जैन हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और कौमी एकता के लिए जानी जाती रही है ऐसे नाजुक वक्त में शहर काज़ी साहब का यह दमदार और ज़िम्मेदाराना बयान
सूत्र….
उज्जैन शहर के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में नगर निगम द्वारा किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान दिनांक [01/10/2026] को एक तकनीकी हादसा हुआ। इस संबंध में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि अत्यंत निंदनीय है।
इस संबंध में शहर क़ाज़ी हज़रत मौलाना ख़लीक़ उर रहमान साहब द्वारा निम्नलिखित तथ्य स्पष्ट किए गए हैं:
1. मस्जिद के बाधक हिस्से को सुरक्षित रूप से हटाने हेतु मस्जिद कमेटी द्वारा स्वयं लिखित रूप में प्रशासन से तकनीकी सहायता की मांग की गई थी। 2. कार्य निष्पादन के दौरान हुई प्रशासनिक/तकनीकी चूक के कारण मीनार का एक हिस्सा छत पर गिर गया। यह एक आकस्मिक दुर्घटना है, न कि किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का कृत्य। 3. इस घटना में किसी भी समुदाय या प्रशासन की कोई दुर्भावना शामिल नहीं है।
कानूनी पहलू और अपील:
भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, वहीं अनुच्छेद 19(2) के तहत लोक व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
किसी भी प्रकार की झूठी अफवाह फैलाना, जिससे दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा हो, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दंडनीय अपराध है।
अतः समस्त नागरिकों, विशेषकर युवा वर्ग से अपील है कि:
क) किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड / शेयर न करें।
ख) किसी भी स्थान पर बिना अनुमति भीड़ एकत्रित न करें, जो कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का उल्लंघन है।
ग) शहर की शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।
उज्जैन की गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
उज्जैन हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और कौमी एकता के लिए जानी जाती रही है ऐसे नाजुक वक्त में शहर काज़ी साहब का यह दमदार और ज़िम्मेदाराना बयान
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