इंदौर-उज्जैन टोल पर बहुत धांधली चल रही है ये बात 30 जून 2022 की है, शरद कसेरा निवासी उज्जैन से इंदौर जा रहै थे
|
😊 Please Share This News 😊
|
इंदौर-उज्जैन टोल पर बहुत धांधली चल रही है
ये बात 30 जून 2022 की है, शरद उज्जैन से इंदौर जा रहा था। गाड़ी में फ़ास्ट टैग लगे होने से उज्जैन का टोल गेट खुल गया और शरद इंदौर के लिए निकल गया। इंदौर टोल पर शरद को रोक लिया गया और टोल गेट खोला नहीं गया, पूछने पर कारण बताया कि आपके फ़ास्ट टैग में बैलेंस नहीं है। जबकि फ़ास्ट टैग में बैलेंस था, पेटीएम से पैसे कटने का मैसेज ना मिलने के कारण, मैं उसे मैसेज बता नहीं पा रहा था, मैं किसी तरह वहाँ से निकल गया।
आते वक्त इंदौर टोल पर टोल गेट नहीं खोला गया कारण फिर वही बताया कि मेरे फ़ास्ट टैग में बैलेंस नहीं है जबकि मेरे फास्टैग में बैलेंस था।
फ़ास्ट टैग में बैलेंस ना बताने का लफड़ा यहाँ से समझ में आता है-
शरद ने कहा ठीक है आप कैश रिसिप्ट ही बना दो मैंने ₹30 दिए और मुझे टोल बूथ पर बैठी महिला ने रसीद दे दी, मेरी गाड़ी के पीछे कई अन्य गाड़ियां खड़ी होने के कारण, मैंने गाड़ी को आगे बढ़ाया और रसीद को ठीक से देखा तो रसीद वर्तमान दिन से 2 दिन पुरानी थी मैं गाड़ी साइड में रोक कर फिर गया और कहा-
“आपने मुझे पुरानी रसीद क्यों दी?”
तो मुझे वह महिला कहती है-
“यह पुरानी रसीद भी वहां काम आ जाएगी आपको कोई परेशानी नहीं होगी”
मेरे आपत्ति जताने पर और वर्तमान की पर्ची मांगने पर वहाँ टोलबूथ में दूसरी और बैठे दो व्यक्ति दबंगाई दिखाकर कहते है-
“हाँ तो दे दी होगी, क्या दिक्कत है”
महिला ने जल्दी से मुझे रसीद दे दी।
अब इसे ऐसे समझिये:
आपका पैसा फ़ास्ट टैग से भी कटेगा और दूसरी तरफ के टोल पर लौ बैलेंस का हवाला बता कर आपसे केश 30 रुपिया भी लिया जा रहा है (अगर पैसा कटने पर मैसेज ना आये) और पुरानी रसीद देकर व्यक्तिगत स्तर पर पैसो का गबन चल रहा है वो अलग।
शरद ने हमारे उज्जैन वाले ग्रुप के मेंबर्स को ये जानकारी सार्वजनिक की आप इस बात का ध्यान रखें और अगर कोई मोहदय इस पर कोई उचित कार्यवाही कर इस छल को रोके तो मुसाफिरों को समस्या का सामना करना नहीं पड़ेगा।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

