नागपुर के शहंशाह बाबा ताजुद्दीन का जन्मदिन मनाया गया //अकरम पटेल
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*नागपुर के शहंशाह बाबा ताजुद्दीन का जन्मदिन मनाया गया*। । इस मौके पर किया आम लंगर का इंतजाम, खबर मध्य प्रदेश के जिला बैतूल से,,, आज बैतूल में नागपुर के शहंशाह हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया के जन्मदिन के अवसर पर बैतूल की मशहूर पहलवान बाबा साहब की दरगाह शरीफ पर मासूम जैनुल खान से केक कटवाकर मनाया गया इस मौके पर मामू चौक के सौजन्य से विशाल आम लंगर का इंतजाम किया गया। इस कार्यक्रम में सबसे पहले धर्म प्रेमी जनता द्वारा पहलवान बाबा साहब की मजार पर चादर पेश की गई तथा पूरे देश के लिए अमनो सुकून की दुआ खैर की गई । इसके बाद जैनुल खान से केक कटवाया गया। तथा उसके पश्चात आम लंगर का इंतजाम किया गया जिसमें सैकड़ो की तादाद में आम जनों ने उपस्थित होकर लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। आपको बता दे कि हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया का जन्म नागपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर कामठी गांव में 27 जनवरी 1861 को हुआ था उनके पिता सैयद बदीउद्दीन फौज में सूबेदार थे वह उनकी माता मरियम बी मद्रासी पलटन के सूबेदार मेजर शेख मीरा साहब की पुत्री थी और असाधारण थे बाबा के पुरखे अरबिस्तान के बाशिंदे थे इन्हीं में से उनके वालिद कामकाज के लिए कामठी आए तथा नौकरी मिलने पर कामठी में ही बस गए जब बाबा ताजुद्दीन की उम्र 1 वर्ष की थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया था वहीं 9 वर्ष की उम्र पूरी होते ही उनकी मां भी चल बसी नानी ने इन्हें पाल पोस कर बड़ा किया उन्हें कामठी स्थित मदरसे में तालीम हेतु भेज दिया । हजरत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्ला अलेह ने तालीम प्राप्त करके फौज में नौकरी कर ली लेकिन उन्हें गैबी इल्म होने पर उन्होंने नौकरी छोड़ दी तथा वे जनकल्याण के कार्यों में लग गए बाबा ताजुद्दीन औलिया की ऐसी करामातें है जिन्हें आज भी नागपुर के रहवासी याद करते हैं जैसे मरे कुत्ते को जिंदा कर देना एक ही समय में अलग-अलग जगह पर दिखाई देना गिर्जी नामक बीमार वेश्या को मरने के बाद चाय पिलाकर जिंदा कर देना,। हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया ने इस दुनिया से 66 वर्ष की उम्र में 17 अगस्त 1925 को शकर धरा में रुखसत हुए। उनका अंतिम संस्कार ताजाबाद में किया गया तथा वहीं पर उनकी मजार शरीफ बनाई आज ताजा बाद में देशभर से लाखों हजारों उनके चाहने वाले उनके दर पर अपनी हाजिरी देते हैं इसके साथ ही शकरदरा शरीफ और वाकी शरीफ में जाकर उनका फैज हासिल करते हैं इस प्रकार अपनी जीवन लीला से हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया ने संसार को रूहानियत की नई रोशनी दी बाबा ताजुद्दीन औलिया की मजार पर प्रतिवर्ष उर्स मनाया जाता है जिसमें भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों से भी उनके चाहने वाले मजार शरीफ पर आकर चादर प्रसाद चढ़ाते हैं तथा बाबा से मन्नत मांगते हैं जो पूरी होती है। बैतूल में बाबा ताजुद्दीन के जन्मदिन के उत्सव में आजाद वार्ड के पार्षद कदीर खान, तिलक वार्ड के पार्षद नफीस मिर्जा, सिराज पठान, समीर भाई, मुस्ताक हुसैन रिजवी, नईम मामू, संतोष प्रजापति, शेख इकबाल, इरशाद खान, निसार चिंटू खान, चंगेज खान, विशाल भौरासे , मुकेश गायकवाड आदि उपस्थित थे।
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