*”क्रमोन्नति आदेश जारी कराने की मांग को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।”* पत्रकार मनोहर मालवीय – किस्मत न्यूज

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*”क्रमोन्नति आदेश जारी कराने की मांग को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।”* पत्रकार मनोहर मालवीय

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रतलाम निप्र। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड ने बताया कि मध्यप्रदेश में शासकीय सेवा में 12 वर्ष एवं 24 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके अध्यापक संवर्ग के लोकसेवकों क्रमोन्नति की प्रक्रिया कई माह से प्रचलन में है। जो अधिकतर जिलों में पूरी हो गई और आदेश भी हो गए लेकिन रतलाम जिले में यह प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। अभी तक आदेश जारी न होने से जिले के शिक्षकों में रोष व्याप्त है।

      संघ के संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने बताया कि वैसे ही शिक्षकों को भारी नुकसान हो चुका है। 12 वर्षीय क्रमोन्नति की पात्रता उन सभी शिक्षकों को है, जिनकी नियुक्ति 2006 से लेकर 2010 -11 के बीच हुई है। इनके क्रमोन्नति आदेश 2018, 19, 20, 21, 22 व 2023 तक हो जाना चाहिए थे जो आज तक नहीं हुए।

      संघ जिला उपाध्यक्ष हरिराम जाटवा ने बताया कि क्रमोन्नति के साथ ही जिले के कुछ शिक्षकों को अभी तक डीए का एरियर प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

संभागीय उपाध्यक्ष विनोद यादव जी ने कहा कि क्रमोन्नति समय पर न मिलने से पात्र शिक्षकों को हर माह 5 से 8 हजार के बीच नुकसान हो रहा है, जिसकी क्रमोन्नति 2018 में लगना थी उसको लगभग 3 से 4 लाख का नुकसान हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों क्रमोन्नति का लाभ पहले से ही मिल रहा है तो शिक्षा विभाग के शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ मिलने में क्या परेशानी है।

       इस पर जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. शर्मा ने कहा कि क्या किसी जिले में क्रमोन्नति के आदेश जारी हुए हैं तो हमें आदेश बताईये।

      इसके पश्चात संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने डीईओ के.सी. शर्मा को कई जिलों में शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के जारी हुए आदेश प्रेषित किये एवं दिखाए।

      जिलाध्यक्ष गोंड़ ने कहा कि जो मांग 6 वर्ष पहले पूरी होना चाहिए थी, उसका आज भी कोई अता पता नहीं है। जब भी हम ज्ञापन, रैली या धरना की योजना बनाते है तो अधिकारी किसी बहाने जिले में धारा 144 लगा देते है या तो कहीं चुनाव आ जाने का बहाना बनाते है। आचार संहिता लग जाती है। उन्होंने कहा कि हमें जब तक अपना अधिकार नहीं मिल जाता तब तक हम लगातार जिलाधीश, जिला शिक्षा अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से गुहार लगाते रहेंगे। 

     इस दौरान श्री राजेद्र सिंह राठौर, सुरेशचंद्र जगदेव, टीनू सियाग, श्रीमती सागर डामर, सुंदर लाल कोराल, चंपालाल धाकड़, अर्जुन राठौर, दिनेश व्यास, गणेश चौहान, रामलाल मुनिया, विजय डोडियार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

 

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