आचार संहिता में कांग्रेस नेता चेतन यादव ने अपने गुंडों के साथ तहसीलदार के आदेश का उल्लंघन कर पुनः मार्ग को अवरूद्ध करने का प्रयास किया तथा पीड़ित को दी जान से मारने की धमकी एवं सम्पति भी की नष्ट*
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हरीश शर्मा पिता स्व. शिवनारायणजी शर्मा, पता-35. बैताल मार्ग, फ्रीगंज उज्जैन का निवासी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया मेरे द्वारा न्यायालय माननीय तहसीलदार महोदय तहसील व जिला उज्जैन के समक्ष मेरी ग्राम ढेडिया स्थित भूमि का रास्ता खुलवाने हेतु एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है जो प्रकरण क्रमांक 0001/अ-13/2022-23 के रूप में विचाराधीन है।
तथा उपरोक्त वर्णित प्रकरण में शासकीय अधिकारी अर्थात् श्रीमान तहसीलदार महोदय के द्वारा स्थल निरीक्षण किया है तथा दिनाक 15/03/2024 को अंतरिम रूप से भूमि में से रास्ता खुलवाये जाने के आदेश प्रदान किये है।
. माननीय न्यायालय के आदेश के पालन में स्पष्ट रूप से मौके की स्थिति उल्लेखित की गई हैं।
अनावेदक अर्थात् चेतन यादव पिता प्रेमनारायण यादव व अन्य के द्वारा उक्त रास्ते को अवरुद्ध करना प्रमाणित हुआ है। माननीय न्यायालय के द्वारा पारित आदेश के पालन में रास्ता खोला गया है।
परन्तु चेतन यादव पिता प्रेमनारायण यादव तथा उसके साथ करीब 8-10 लोग आवेदक की भूमि के रास्ते पर आये थे तथा बलपूर्वक रास्ते पर पुनः बोर्ड आदि लगा दिया है।
तथा रास्ते को अवरूद्ध करने का प्रयास कर रहें है,
जिसके संबंध में मेरे द्वारा विभिन्न शासकीय अधिकारियों जिसके अन्तर्गत माननीय जिलाधीश महोदय, माननीय अनुविभागीय अधिकारी महोदय व माननीय तहसीलदार महोदय को शिकायती पत्र के माध्यम से अनावेदक द्वारा किये गये कृत्यों से अवगत करवाया। अनावेदक चेतन यादव व उसके 8-10 गुण्डा तत्वों द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए ,
मेरी भूमि के सामने दिनांक 19/03/2024 को 9-10 गुण्डा तत्वों को सुबह से शाम तक खड़ा कर मेरे व मेरे परिवार के साथ गाली, गलोच की गई,
तथा कहा कि भूमि पर मत आना वरना जान से खत्म कर देगे ,
और हम किसी न्यायालय के आदेश को नहीं मानते हैं।
मौके पर चेतन यादव के द्वारा बोर्ड भी लगाया गया है साथ ही मुझ प्रार्थी व मेरे परिवार को मेरी भूमि से घर लोटते समय चेतन यादव के 8-10 गुण्डा तत्व मेरी गाड़ी का पीछा कर रहे थे एवं दिनाक 19/03/2024 की रात्रि में करीब 12 बजे मेरी भूमि के आने जाने वाले रास्ते व गेट पर करीब 2-3 डम्पर मटेरियल डाल दिया गया है जिसका सी.सी.टी.वी. फुटेज भी मेरे पास उपलब है। जिससे मेरा रास्ता अनावेदकगण द्वारा अवरूद्ध कर दिया गया साथ ही सीमेन्ट पोल आदि तोड़ दिये गये है तथा पुलिस थाना नानाखेड़ा पर भी चेतन यादव व उसके साथियों ने कहा कि हम न्यायालय के आदेश को नहीं मानते हैं हम लडाई झगड़ा करेंगे, न्यूरोस पैदा करेंगे तथा रास्ते पर निर्माण कार्य करेंगे। चूंकि चेतन यादव व उसके साथीगण आपराधिक किस्म के लोग है, जो भूमि से रास्ता खोलने संबंधी स्थल निरीक्षण व आदेश हुआ है वह चेतन यादव व उनके अभिभाषक की उपस्थिति में व जानकारी में हुआ है परन्तु अब चेतन यादव व उसके 8-10 गुढे माननीय न्यायालय के द्वारा पारित आदेश की निरन्तर अवेहलना कर रहे है इस कारण इन्हें रोकना तथा न्यायालय के द्वारा खोले गये रास्ते के संबंध में चेतन यादव व उसके साथियों के द्वारा किये गये कृत्य के संबंध में कार्यवाही किया जाना तथा मौके पर चेतन यादव के द्वारा जो बोर्ड लगाया गया है तथा आवेदक के रास्ते पर व मेन गेट पर जो मटेरियल बाला गया है उसे हटाया जाना अत्यन्त आवश्यक है।
माननीय न्यायालय तहसीलदार द्वारा जारी अतरिम आदेश- प्रकरण आवेदकराण पुलिका शर्मा पति दरिश शर्मा एवं हरिचा शर्मा पिता शिवनारायण शर्मा द्वारा प्रस्तुत रास्ता खुलवाये जाने हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र पर आयेशार्थ प्रस्तुत
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2/- आवेदकगण द्वारा रास्ता खुलवाने हेतु अंतरिम आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि आवेदकगण द्वारा संहिता की धारा 131 के तहत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है तथा आवेदकगणों की क्रय शुदा स्वत्व, स्वामित्व की भूमि में प्रवेश करने हेतु एक रास्ता जो कि पश्चिम दिशा में स्थित है एवं उक्त रास्ता अनावेकगणों द्वारा अपनी स्वयं की भूमि सर्वे नम्बर 102/1/1 से उपलब्ध करवाया है। उक्त रास्ता आवेदकगण एवं अनावेदकगण के मध्य शामलाती होकर उक्त रास्ता 14 फीट चौड़ा है तथा आवेदकगण रास्ते का उपयोग निरंतर कई वर्षों ते अपनी भूमि में प्रवेश करने हेतु कर रहे हैं। अनावेदकगण ने एक मात्र उपलब्ध रास्ते को तार फेसिंग कर दी तथा आना जाना बाधित कर दिया तथा विवादित रास्ते पर बाउंड्रीवाल निर्मित करने के आशय से ईट आदि इकट्ठा कर दी है। आवेदकगण के पास अपनी भूमि में प्रवेश करने हेतु अन्य कोई रास्ता उपलब्ध नहीं हैं। अतः सर्वे नम्बर 102/1/1 में स्थित रास्ते को खुलवाये जाने का अनुरोध किया गया ।
3/- अनावेदकगण की और से आवेदकगण द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र का जवाब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
4/- आवेदकगण द्वारा अंतरिम रास्ता खुलवाये जाने हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र पर उभय पक्ष अभिभाषक द्वारा प्रस्तुत तर्को पर मनन किया गया एवं अभिलेख का अवलोकन किया गया। अपर कलेक्टर महोदय जिला उज्जैन के प्रकरण कमांक 22/निगरानी/2023-24 में पारित आदेश 18/12/2023 में दिये गए आदेश के पालन में तत्कालीन पीठासीन अधिकारी द्वारा दिनांक 14/2/2024 को भूमि सर्वे नम्बर 102/1/1 का स्थल निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि भूमि सर्वे नम्बर 102/1/1 शासकीय सड़क इंदौर उज्जैन रोड से लगी होकर चेतन पिता प्रेमनारायण आदि के नाम से दर्ज है। आवेदक के नाम भूमि सर्वे नम्बर 102/3 दर्ज है। आवेदक के नाम दर्ज भूमि अनावेदकगण द्वारा वर्ष 2006 में विक्रय की गई थी। विक्रयपत्र के पैरा कमांक 8 में आने जाने का रास्ता का उल्लेख है। केला की भूमि से लगी हुई भूमि सर्वे नम्बर 106 की शासकीय भूमि नोईयत नाला मद में दर्ज है परन्तु मौके पर ग्रामीण इसका उपयोग रास्ते के रूप में कर रहे है। वर्तमान में मौके पर आवेदक की भूमि में स्थित मकान एवं नारायणी पैलेस में आने जाने का रास्ता मेन गेट सर्वे नम्बर 102/3 के उत्तर-पश्चिम कोने पर लगा हुआ है जिसके सामने इंट का ढेर एवं तार फेसिंग तथा सूचना बोर्ड अनावेदकगण द्वारा लगाया गया है। इंटो के ढेर एवं तार फेसिंग आदि के कारण आवेदकगण का रास्ता अवरूद्ध हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि
आवेदकगण की भूमि में जाने का रास्ता अनावेदकगण द्वारा अवरूद्ध किया गया है। उपरोक्त विवेचना के आधार पर आवेदकगण का अंतरिम रास्ता खुलवाये जाने का आवेदन पत्र स्वीकार किया जाता है तथा भूमि सर्वे नम्बर 102/1/1 में अनावेदकगण द्वारा अवरूद्ध किये गये रास्ते को खुलवाये जाने के अंतरिम आदेश दिये जाते है।
समस्त सम्मानित पत्रकार बन्धुओं से निवेदन है कि विषय पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर मुझ प्रार्थी के साथ हो रहे अत्याचार को शासन प्रशासन तक पहुंचाने में मदद की
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