स्वास्थ्य विभाग को आपात चिकित्सा दवाइयों की व्यवस्था, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता एवं उचित स्थान पर रखवाने की व्यवस्था, गंभीर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था, प्राकृतिक आपदा के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय कर्मियों आदि के लिए सुरक्षित स्थानों को चिन्हित करने, जिले की शैक्षणिक संस्थानों, पंचायत तथा अन्य स्थानों पर आकाशीय बिजली, तूफान, धूल, आंधी आदि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की जानकारी, पोस्टर, दीवार लेखन, चित्रकारी अथवा अन्य माध्यमों से देने की व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को दिए गए।जनसामान्य को वज्रपात आकाशी बिजली से बचाव के लिए मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एक जनजागृति हेतु सामग्री भी तैयार करके प्राधिकरण के वेब पोर्टल www.mpsdma.mp.gov.in पर अपलोड किया गया है। दामिनी मोबाइल ऐप के माध्यम से आकाशीय बिजली, वज्रपात आदि की चेतावनी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है जिसके द्वारा आमजन को सतर्क किया जा सकता है। बैठक में कलेक्टर श्री बाथम द्वारा सामाजिक न्याय एवं जनकल्याण विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़, अति वृष्टि, आपदा की स्थिति के अंतर्गत उन स्थलों को चिन्हित किया जाए जहां निशक्तजन खुले क्षेत्र में अधिक संख्या में रहते हो, उनको वज्रपात, आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। कलेक्टर ने कृषि, उद्योग, पर्यटन, श्रम आदि विभागों को भी बाढ़ अतिवृष्टि की स्थिति में आवश्यक कार्य योजना के लिए दिशा निर्देशित किया।
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