*कृषि भूमि की नीलामी को लेकर विवादों में घिरा वक्फ बोर्ड* *प्रदेश के नौ सम्भागों में कृषि भूमि पर हैं हजारों अवैध कब्जे* *पहले हटें कब्जे बाद में हो नीलामी* *तालिब हुसैन भोपाल/जबलपुर. इसे इत्तिफाक कहें या दुर्भाग्य कि वक्फ बोर्ड की हर पहल विवादों में घिर जाती है. जब से वक्फ बोर्ड भोपाल ने कृषि भूमि की नीलामी का इश्तिहार निकाला है, तभी से बोर्ड पर चौतरफा हमले हो रहे हैं. भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि भोपाल, जबलपुर सहित सूबे के नौ सम्भागों में बोर्ड की करोड़ों की कृषि भूमि पर भू माफिया ने कब्जा जमाए रखा है लेकिन ना जाने क्यों बोर्ड अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही शुरू नहीं कर रहा है. इस जरूरी मुहिम को छोड़कर बोर्ड अपनी मिल्कियत की कृषि भूमि को नीलाम करने जा रहा है. नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद से ही वक्फ बोर्ड के काम काज को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है. लोग सवाल कर रहे हैं कि- क्या वक़्फ़ बोर्ड भोपाल वक़्फ़ की सैकड़ो एकड़ क़ृषि भूमि पर किये गये अवैध क़बज़ो को हटाने का अभियान चलायेगा..? या सिर्फ वक़्फ़ सम्पति की आमदनी का ही हक़दार बने रहेगा..? क्या वक़्फ़ की क़ृषि भूमि से बेजा क़ब्ज़ा हटाना वक़्फ़ बोर्ड की ज़िम्मेदारी और कर्तव्य नहीं है..? जनता वक़्फ़ बोर्ड से इन सवालों के जवाब चाहती है. बरसों वक्फ बोर्ड से जुड़े रहे एक नेता का आरोप है कि केवल कमाई क़े लिये मुख्य कार्यपालक अधिकारी वक़्फ़ बोर्ड ने क़ृषि भूमि की नीलामी का इशतिहार निकाला है. उन्हें ऐसा ही इश्तिहार निकाल कर यह बताना चाहिए कि मध्य प्रदेश क़े 9 संभागों किस किस कृषि भूमि पर किन किन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है. और बोर्ड इन तारीखों को इस जिले में अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू करेगा. अगर हकीकत में बोर्ड को वक्फ सम्पत्ति की मिल्कियत को बचाना है तो पहले जिलेवार अतिक्रमण विरोधी मुहिम का निर्णय ले, उसके बाद नीलामी की पहल करे. बहरेहाल अब देखना यह है कि वक्फ बोर्ड नीलामी के विज्ञापन को लेकर उठे विवाद को किस तरह शांत करता है..?
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*कृषि भूमि की नीलामी को लेकर विवादों में घिरा वक्फ बोर्ड*
*प्रदेश के नौ सम्भागों में कृषि भूमि पर हैं हजारों अवैध कब्जे*
*पहले हटें कब्जे बाद में हो नीलामी*
*तालिब हुसैन
भोपाल/जबलपुर. इसे इत्तिफाक कहें या दुर्भाग्य कि वक्फ बोर्ड की हर पहल विवादों में घिर जाती है.
जब से वक्फ बोर्ड भोपाल ने कृषि भूमि की नीलामी का इश्तिहार निकाला है, तभी से बोर्ड पर चौतरफा हमले हो रहे हैं. भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि भोपाल, जबलपुर सहित सूबे के नौ सम्भागों में बोर्ड की करोड़ों की कृषि भूमि पर भू माफिया ने कब्जा जमाए रखा है लेकिन ना जाने क्यों बोर्ड अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही शुरू नहीं कर रहा है. इस जरूरी मुहिम को छोड़कर बोर्ड अपनी मिल्कियत की कृषि भूमि को नीलाम करने जा रहा है. नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद से ही
वक्फ बोर्ड के काम काज को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है.
लोग सवाल कर रहे हैं कि- क्या वक़्फ़ बोर्ड भोपाल वक़्फ़ की सैकड़ो एकड़ क़ृषि भूमि पर किये गये अवैध क़बज़ो को हटाने का अभियान चलायेगा..? या सिर्फ वक़्फ़ सम्पति की आमदनी का ही हक़दार बने रहेगा..? क्या वक़्फ़ की क़ृषि भूमि से बेजा क़ब्ज़ा हटाना वक़्फ़ बोर्ड की ज़िम्मेदारी और कर्तव्य नहीं है..? जनता वक़्फ़ बोर्ड से इन सवालों के जवाब चाहती है. बरसों वक्फ बोर्ड से जुड़े रहे एक नेता का आरोप है कि केवल कमाई क़े लिये मुख्य कार्यपालक अधिकारी वक़्फ़ बोर्ड ने क़ृषि भूमि की नीलामी का इशतिहार निकाला है.
उन्हें ऐसा ही इश्तिहार निकाल कर यह बताना चाहिए कि मध्य प्रदेश क़े 9 संभागों किस किस कृषि भूमि पर किन किन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है. और बोर्ड इन तारीखों को इस जिले में अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू
करेगा. अगर हकीकत में बोर्ड को वक्फ सम्पत्ति की मिल्कियत को बचाना है तो पहले जिलेवार अतिक्रमण विरोधी मुहिम का निर्णय ले, उसके बाद नीलामी की पहल करे. बहरेहाल अब देखना यह है कि वक्फ बोर्ड नीलामी के विज्ञापन को लेकर उठे विवाद को
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