पत्रकार मसूद जावेद कादरी के मकान पर बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास*   *झूठे शपथ पत्र के आधार पर की गयी हेराफेरी*      @ तालिब हुसैन  – किस्मत न्यूज

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पत्रकार मसूद जावेद कादरी के मकान पर बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास*   *झूठे शपथ पत्र के आधार पर की गयी हेराफेरी*      @ तालिब हुसैन 

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खण्डवा. खण्डवा में रहकर राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकार मसूद जावेद कादरी को रातों रात घर से बेघर करने का बड़ा षड्यंत्र सामने आया है. जिस मकान में कादरी रहते हैं, उसके दस्तावेज हेराफेरी कर बदल दिए गए, इस काम में नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत बतायी जा रही है. वरिष्ठ पत्रकार 

मसूद जावेद ने बताया कि पिता शेख मकसूद के नाम से परदेशीपुरा बाड़े में 1897 वर्ग फुट पर उनका मकान बना है, जिसमें पांच भाई, तीन बहनों का हिस्सा हैं. परंतु सबसे छोटी बहन नुसरत मेहजबी पति साजिद अली ने प्राचार्य मोहम्मद अबरार, सैमुन बी, इफ्तिखार उर्फ अत्तन, मतीन अहमद उर्फ मुन्ना के झूठे शपथ पत्र के आधार पर के आधार पर खुद को शेख मकसूद की एकमात्र पुत्री बताकर एक मात्र वारिस बन गयी और नजूल में उक्त मकान अपने नाम दर्ज करा लिया. जिसकी आपत्ति रजिस्ट्री ऑफिस में सशुल्क आवेदन दिनांक 10/10/22 को लगाने के बावजूद दिनांक 01/12/22 को रजिस्ट्री करा ली जबकि दिनांक 11/10/22 को दैनिक भास्कर में जाहिर सूचना प्रकाशन भी कराया था, इस षड्यंत्र में झूठा शपथ पत्र, झूठा जांच प्रतिवेदन बनाया गया और झूठा पंचनामा जिसमें उपरोक्त षड्यंत्रकर्ता के नाम से ही पंचनामा भी तैयार कर झूठा फौती नामांतरण आवेदन के आधार पर अपने नाम दर्ज करा लिया. जिसका सिविल न्यायालय में केस भी चल रहा है. इसके बावजूद भी मकान पर कब्जा लेने के लिए साजिद अली, नुसरत, बिलाल, मेहराज, रिजवान उर्फ राजू, फैजान, और उवेश उक्त समस्त व्यक्तियों के द्वारा पुश्तैनी मकान पर कब्जा करने के लिए बल का प्रयोग कर दिनांक 31/05/24 दिनांक 02/06/24 दिनांक 18/06/24 इस तरह कब्जा करने तीन बार आए जिसकी शिकायती आवेदन उक्त दिनांक में मोघट थाने में दिया गया इसके पूर्व 11/10/23 को भी पुलिस अधीक्षक खंडवा को आवेदन दिया। दिनांक 09/06/24 को पूनः पुलिस अधीक्षक खंडवा को आवेदन दिया गया. मसूद जावेद ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बी.एन.एस. के नए कानून के अंतर्गत संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष 

 जांच करायी जाए तो षड्यंत्रकारियों के साथ ही प्रशासन के कई कर्मचारियों व अधिकारियों की सांठ गाठ का खुलासा हो जाएगा.

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