रतलाम के अब्दुल इंदौरी अपने अदम्य साहस के बलबूते पर शोहरत की ऊँचाईयो तक पहुँच कर आज अपने माता पिता का नाम रोशन तो कर ही रहै है तो वही दूसरी ओर बोहरा समाज एवम रतलाम का भी।
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कुछ लोग आपसे नफरत करेंगे इसलिए नहीं की आप बुरे हैं
बल्कि इसलिए करेंगे आपकी मौजूदगी उनके वजूद को बेकार कर देती हैआज पेरास्वीमिंग में इस साहसी बच्चे ने भारत में होने वाली हर स्पर्धाओं में असंख्य गोल्ड मैडल जीते है जो इनके हौसलो को बल देते है, अभी तक तो ये नेशनल पेरास्वीमिंग स्पर्धाओं में अपनी शोहरत दिखाते रहे है लेकिन आज इजिप्ट( मिस्र) के काहेरो में अंतरराष्ट्रीय पेरास्वीमिंग जो 3 से 9 दिसंबर तक होने वाली है इस स्पर्धा में हम सभी फिर एक बार अब्दुल इंदौरी से ऐसी ही उम्मीद रखते है वो गोल्ड मेडल अपने नाम कर देश का, रतलाम का, समाज का व अपने परिवार का एक बार फिर नाम रोशन करे।
संशिप्त में :- बहुत ही छोटी सी उम्र में इलेक्ट्रिक हाईटेंशन वायर के छू लेने से इनके दोनों हाथों को काटना पड़ा था।
माता पिता ने इन्हें टूटने नही दिया बल्कि अपनी मेहनत व लग्न से इनको पढाया भी ओर साथ ही पेरास्वीमिंग के लिये इनको प्रोत्साहित भी किया आज माता पिता की यही मेहनत जो इनके प्रति थी वो एक मशहूर पेरास्वीमिंग चेम्पियन के रूप में आज देशभर में जानी जाती है।✍️
*पत्रकार लियाकत अली मुन्शी , जिला सवांददाता खुलासा टु डे न्यूज चैनल रतलाम मध्यप्रदेश।*
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