प्रीतमनगर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर में कक्षा 1 एवं कक्षा 2 के लिए बुनियादीसाक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) मेले के प्रथम चरण का आयोजन किया गया। – किस्मत न्यूज

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प्रीतमनगर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर में कक्षा 1 एवं कक्षा 2 के लिए बुनियादीसाक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) मेले के प्रथम चरण का आयोजन किया गया।

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प्रभारी प्राचार्य प्रशांत परासिया, कार्यक्रम संयोजक वर्षा सूर्यवंशी ने फीता काटकर मेले का प्रारंभ किया | मेला प्रभारी वर्षा सूर्यवंशी और शिखा रानी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) मेला छात्रों के सर्वांगीण विकास के साथ बुनियादी शिक्षा गृहण करने में सहायता करता हैं | 

एफ.एल.एन. मेले में छात्रों के लिए पंजीयन की व्यवस्था, शारीरिक विकास, बौद्धिक विकास, भाषा विकास, गणित की पूर्व तैयारी और बच्चों का पसंदीदा कोना के साथ साथ विभिन्न मनोरंजक और ज्ञानवर्धक स्टाल लगाये गए| 

प्रत्येक स्टाल पर शिक्षक द्वारा छात्रों से उनकी कौशलता से सबंधित प्रश्न पूछे गए | जिसमे आटे से गोलियां बनाना, छोटे पत्थर को गिनकर उनकी संख्यात्मक योग्यता का परिक्षण, अनाजों का वर्गीकरण, आसपास के पर्यावरण सबन्धि फुल पत्तियों का परिक्षण, विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों में रंगों का समायोजन करना आदि सभी मनोरंजक गतिविधियों के साथ में मेले का उत्साहपूर्वक आनंद लिया | 

 उक्त मेले में छात्रों के साथ साथ अभिभावकों के साथ ग्रामीणजन ने भी मेले के प्रति जिज्ञासा और उत्सुकता रही की यह किस तरह का मेला हैं जिसमे न तो खिलोने हैं, न तो मिठाई हैं और न ही झूले हैं | परंतु विद्यालय द्वारा आयोजित एफ.एल.इन. मेले में जो दक्षता सम्बन्धी दृश्य अभिभावकों ने देखे तो एक पल के लिए वह भी सब कुछ भूलकर बच्चों के साथ आज वह भी बच्चे बन गए थे, कोई उन्हें गेंद को लक्ष्य तक पहुचाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था तो कोई उन्हें रस्सी कूदना सिखा रहा था तो कुछ अभिभावक सीधी और टेढ़ी लाइन पर उन्हें चलाने का अभ्यास करते हुए भी नजर आये |

कार्यक्रम की संयोजक वर्षा सूर्यवंशी ने मेले का उद्देश्य बताते हुए कहा की कक्षा 1 और कक्षा 2 के बच्‍चों मूलभूत पठन सामग्री को पढ़ने और समझने में बहुत कठिनाई का सामना करना होता हैं | छात्रों में आसपास के वातारवरण, घरेलु सामग्री और दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाली विभिन्न वस्तुओं को देखकर बुनियादी ज्ञान अर्जित किया जा सकता हैं | शिक्षिका शिखा रानी सिंह ने मेले की उपयोगिता के बारे में कहा की छोटे बच्चों में बुनियादी साक्षरता जैसे जोड़ और घटाने की क्षमता भी नहीं होती है। इस मेले का उद्देश्य उन सभी विधाओं का खेल खेल के माध्यम से विकास करना हैं |

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अरविन्द वर्मा, शीतल गुर्जर, निधि शर्मा, आरती राठोड़, पूजा अमझेरिया, दीपक सारेल की उल्लेखनीय भूमिका रही |

छात्रों ने जहाँ मेले में सीधी और टेढ़ी लाइन पर अपने सर पर पुस्तक रखकर चलना सीखा, पेपर क्राफ्ट को पहचान कर उसका वर्णन करना, रंगों की पहचान, सामग्री का वर्गीकरण कर उन्हें क्रमबद्ध रूप से संयोजित करना, आकृतियों की पहचान, चित्रों को देखकर उनके बारे में वाक्य बनाना, गणित की ज्यामितीय आकृतियों की समझ का विकास करना आदि गतिविधियों के माध्यम से मेले का लुत्फ़ लिया |

इस अवसर पर संस्था के विजय यादव, अर्चना भूरिया, साधना बैरागी, कैलाश जादोन, ऋतेश पंवार, योगिता गौड़, नाहर सिंह डोडवे, दुर्गा राठौर, वर्षा सूर्यवंशी, अनूप मालवीय, शिखा रानी सिंह, भानुप्रिया गौतम, ईश्वरलाल ओहरी सहित अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्तिथ रहे |

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