विश्व मानवाधिकार संगठन (WHRO) (भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और संयुक्त राष्ट्र के साथ एक सिविल सोसाइटी एनजीओ शाखा के रूप में पंजीकृत)विश्व मानवाधिकार संगठन (WHRO) (भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और संयुक्त राष्ट्र के साथ एक सिविल सोसाइटी एनजीओ शाखा के रूप में पंजीकृत) – किस्मत न्यूज

किस्मत न्यूज

Latest Online Breaking News

विश्व मानवाधिकार संगठन (WHRO) (भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और संयुक्त राष्ट्र के साथ एक सिविल सोसाइटी एनजीओ शाखा के रूप में पंजीकृत)विश्व मानवाधिकार संगठन (WHRO) (भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और संयुक्त राष्ट्र के साथ एक सिविल सोसाइटी एनजीओ शाखा के रूप में पंजीकृत)

😊 Please Share This News 😊

WhatsApp/9625890810/7011490810/Joining

 

मानवाधिकार उल्लंघन के लिए दंड

 

मानवाधिकार उल्लंघन के लिए दंड विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विभिन्न कानूनी प्राधिकरणों और रूपरेखाओं के तहत प्रदान किया जाता है। यह दंड गंभीर अपराधों के लिए है जिसमें मानवाधिकारों का उल्लंघन शामिल है, जैसे कि किसी व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, सम्मान और समानता के अधिकार का उल्लंघन।

 

ऐसे उल्लंघनों के लिए दंड में जुर्माना, दंड या कारावास सहित विभिन्न कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। मानवाधिकार उल्लंघन के लिए दंड कई रूप ले सकता है, जिनमें शामिल हैं:

 

कानूनी उपाय:

कई देशों में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए विशिष्ट कानून बनाए गए हैं, और इन कानूनों के तहत जुर्माना, अवमानना या अन्य प्रकार की सजा सहित विभिन्न कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समझौता:

यह 1948 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा पारित एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है, जो सभी व्यक्तियों के समान और अविभाज्य अधिकारों को निर्धारित करता है। इन अधिकारों के उल्लंघन की निगरानी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा की जाती है।

 

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और न्यायाधिकरण:

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा स्थापित कुछ न्यायिक निकायों का उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा करना है। उदाहरण के लिए, मानवाधिकार न्यायाधिकरणों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR न्यायाधिकरण) को मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार है।

 

मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए दंड अलग-अलग संविधानों, कानूनों और समझौतों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, और इन अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।

 

WHRO/JOIN US/9625890810/WHATSAPP

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]