*मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग भोपाल, शनिवार, 29 मार्च, 2025 दस मामलो में संज्ञान’* सय्यद आशिक अली की विशेष खबर हेडलाइंस
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*सड़क पर गड्ढों से रहवासी परेशान*
भोपाल शहर के कोलार क्षेत्र में दानिश हिल्स रोड पर गड्ढे होने के कारण लोगों को आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोड पर ड्रेनेज की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ महीने में ही रोड जर्जर और बदहाल हो गया है। खराब और जर्जर रोड होने के संबंध में क्षेत्र की कॉलोनी के रहवासियों ने निगम प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई सुधार या कार्यवाही नहीं हो सकी है। इस कारण रोजाना दो एवं चार पहिया चालकों को रोड पर से आवाजाही करने में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है एवं रोड पर खतरनाक गड्ढे हो जाने के कारण सड़क दुर्घटना होने का भी खतरा बना हुआ है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने आयुक्त, नगर निगम, भोपाल से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांग है।
*आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के लिये बाहर से मंगाए इंजेक्शन*
भोपाल शहर के हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग में संचालित सुल्तानिया अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के परिजनों से महंगे इंजेक्शन बाहर से क्रय करने के लिये कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवजात के जन्म होने के बाद उसका हार्ट काम नहीं कर रहा था, जिसके चलते नवजात को आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। नवजात के इलाज के लिए डॉक्टरों/स्टॉफ ने परिजनों को उसे विशेष इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। जिसके बाद नवजात के परिजनों द्वारा बाजार से हजारों रुपये के इंजेक्शन क्रय करवाकर नवजात को लगाए गये। जबकि आयुष्मान योजना के तहत इलाज पूरी तरह मुफ्त होना चाहिए। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं(म.प्र.), संचालनालय, भोपाल से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
*जेल गेट पर दो घंटे प्रतीक्षा कराने के बाद किया खुलासा-अस्पताल में हुई मौत*
ग्वालियर जिले के जेल में पॉक्सो एक्ट में पांच साल से बंद एक आरोपी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु होने की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विगत दिवस आरोपी बंदी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी, और जेल से रिहाई का परवाना भी पहुंच गया था, लेकिन रिहाई से पहले जेल की बैरक बंद हो जाने के कारण आरोपी की रिहाई सुबह तक टल गई। इसी दौरान रात में युवक की तबीयत बिगड़ी और जेल प्रशासन ने आरोपी युवक को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने अधीक्षक, केन्द्रीय जेल, ग्वालियर, से आवश्यक प्रारूप में प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
*अपराधी को पकड़ने गई पुलिस को लाठियों से पीटा, पथराव भी किये*
सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में महुआ खेड़ा गांव में चार अपराधियों को पकड़ने गये प्रधान आरक्षक और आरक्षक पर अपराधियों और उनके परिजनों द्वारा लाठियों, पत्थर एवं कुल्हाड़ी से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक को गंभीर चोटें आई है और उन्हें जिला अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिसकर्मी बिना बंदूक के लाठी लेकर अपराधियों को पकड़ने गये थे, जिससे हमला होने पर वह गंभीर रूप से घायल हो गये। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल से मामले की जांच कराकर बार-बार पुलिस बल पर हो रहे हमलों के संबंध में उचित कार्यवाही कर दोषियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही एवं भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हो सके इसके लिये आवश्यक दिशा निर्देशों के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
*मानसिक दिव्यांग महिला ने बच्चों को जन्म दिया, अस्पतालों पर सूचना छुपाने का आरोप*
खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला द्वारा एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बाल कल्याण समिति का आरोप है कि निजी और शासकीय अस्पताल ने इस घटना की जानकारी समय पर नहीं दी, जो कानून का उल्लंघन है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार डिलीवरी की जानकारी 12 दिन तक छुपाई गई, जबकि कानून के तहत 24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, खंडवा एवं पुलिस अधीक्षक, खंडवा तथा महिला एवं बाल विकास अधिकारी, खंडवा से मामले की जांच कराकर पीड़ित दिव्यांग महिला की सुरक्षा देखभाल, उसके साथ हुए अपराध के संबंध एवं नवजात बच्ची की देखभाल एवं सुरक्षा/संरक्षण के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
*बाजार में खुले में लगा ट्रांसफार्मर, कभी भी हो सकता है हादसा*
रायसेन जिले के सिलवानी ग्राम पंचायत के वार्ड क्रं. 15 उदयपुरा रोड पर बाजार में खुले में ट्रांसफार्मर लगे होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खुले में ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इन ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रूप से ढकने और उनसे संबंधित होने वाले खतरों को कम करने के लिये कड़ा कदम उठाया जाये। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कार्यपालन यंत्री, म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वि.क.लि., रायसेन से मामले की जांच कराकर जन सुरक्षा एवं अन्य संभावित हानि के निवारण के लिये खुले विद्युत ट्रांसफार्मर के लिये आवश्यक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
*खदान का पट्टा रद्द करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण*
उज्जैन जिले के खाचरौद तहसील अंतर्गत मडावाड़ा गांव के ग्रामीणों द्वारा बजरी खदान के पट्टे को रद्द करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल करने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों का दावा है कि खदान उनके घरों से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, और खदान में लगातार विस्फोट होने से ग्रामीणों और उनके बच्चों को नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि खदान से उनकी सुरक्षा को खतरा होगा और उन्होंने लीज रद्द करने की मांग की है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, उज्जैन से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
*नदी मे नहा रहे तीन युवक डूबे, एक की हुई मौत*
दतिया जिले के सिंध नदी में नहाने उतरे तीन युवकों में से एक युवक की नदी में डूबकर मृत्यु होने की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नदी में नहाने के लिये उतरे तीनों युवक नदी में डूब गए, जिसमें से एक युवक की डूबने से मृत्यु हो गई और मौके पर मौजूद आपदा प्रबंधन दल द्वारा तैरकर दो अन्य युवकों को बचा लिया गया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर दतिया से मामले की जांच कराकर मृतक के उत्तराधिकारियों को शासन की योजना अनुसार देय आर्थिक मुआवजा राशि के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
*बिना पंजीयन के संचालित हॉस्पिटल में हुआ गर्भपात*
ग्वालियर जिले के गुढ़ा गुढी का नाका क्षेत्र में एक साल से बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हॉस्पिटल में गर्भपात होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करीब एक साल से बिना पंजीयन के हॉस्पिटल संचालित हो रहा था और बीते बुधवार को एक महिला का गर्भपात किया गया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं सीएमएचओ, ग्वालियर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
*मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय खरबूजे और प्याज ढो रहीं एंबुलेंस*
मुरैना जिले में एक थोक सब्जी मंडी में एंबुलेंस द्वारा खरबूजे और प्याज लाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार थोक सब्जी मंडी में सुबह-सुबह एक एम्बुलेंस पहुंची, एम्बुलेंस में खरबूजे भरे हुए मिले। एम्बुलेंस चालक उतरकर खरबूजों को मंडी में उतारने लगा। वह देखकर मंडी में मौजूद स्थानीय लोग वहां जमा हो गये। जिसके देखकर एम्बुलेंस चालक वहा से भाग निकला। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सीएमएचओ, मुरैना से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन 15 दिनों में मांगा है।
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