बहुजन समाज के नेतृत्व में बाबासाहेब अंबेडकर के सम्मान में मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल (म.प्र.) एवं इंदौर कलेक्टर के नाम ज्ञापन
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बिग ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर
विषय :- बाबा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मभूमि अम्बेडकर नगर, महु, 100 एकड भूमि दिलवाने एंव डॉ. भीमराव जी अम्बेडकर की तस्वीर प्रत्येक शासकीय, प्राइवेट सांस्था, स्कूलो, कॉलेजो, हॉस्पिटलो लगाए जाने, उनके विचारों से अवगत करने, उनके बारे में पढ़ाने एंव अम्बेडकर जंयती एंव पुण्य तिथि पर मंदिरा, मांस-मटन की दुकान बंद करवाने, शासकीय व निजी उघोगो मे अवकाश घोषित करवाने एवं पलासिया चौराहे का नाम परिवर्तित कर अम्बेडकर चौराहा कराने विषयक ।
द्वारा :- श्रीमान कलेक्टर महोदय जी जिला इंदौर (म.प्र.)
महोदय
उपरोक्त विषय में विनम्र निवदेन हैं कि, भारत एंव मध्यप्रदेश की भूमि अनेको महापुरूषों ने जन्म लिया और देश-विदेश में भारत का रोशन किया इन ही महापुरूषो में से एक बाबा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी भी थे जिन्हे भारत के संविधान निर्मात के तौर पर भी जाना जाता हैं किन्तु आज के आधुनिक युग कि पीडी अपने महापुरूषो कि विचार धारा पर चालना तो दूर उनके विचारो से अवगत तक नहीं है न ही उनके बारे में पढ़ाया जाता है, आज भी कही शासकीय, प्राइवेट, सांस्था, हॉस्पिटलो, स्कूलो, कॉलेजो में उनकी तस्वीर तक मौजूद नहीं है, जैसा कि आप पूर्व से ही अवगत हैं कि, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म 14/04/1891 को हमारे मध्यप्रदेश की भूमि महू मे हुआ था, जिसे हम डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मस्थली के नाम से भी जाना जाते है हमारे द्वारा विगत कही वर्षों से 14 अप्रैल एंव 6 दिसम्बर को अम्बेडकर जंयती एंव पुण्य तिथि को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मस्थली पर मनाए जाते आ रहे हैं, जिसमें लाखो की सांख्याओ देश-विदेश से अनुयायीयो का आगमन होता हैं जिनकी सांख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं किन्तु बड़े ही दुख की बात है कि, इतने गौरव पूर्ण महापुरूष की जन्मस्थली मात्रा 4000 वर्गफीट में यानी एक बीघा से भी कम कि भूमि पर स्थित हैं जिसके कारण से अनुयायीयो को अतअधिक असुविधाओ का सामना करना पडता हैं जिसमें जनहीन होने कि भी पुर्ण संभावना बनी रहती हैं जो कि एक गंभीर समस्या हैं, यह न केवल बाबा साहब का बल्कि प्रत्येक उस व्यक्ति का अपमान हैं जो बाबा साहेब कि विचार धारा से जोडे हैं, यह देश-विदेश में एक नकारत्मक संदेश के रूप में सामने आ रहा हैं, यदि इसे समस्या को गम्भीरता पूर्ण नही लिया गया तो यह भाविष्य में विशाल रूप लेकर सामने प्रकट होगी, बाबा साहेब कि जंयती के दिन जहां एक ओर उनके अनुयायीयो
के द्वारा उत्सव मनाया जा रहा होता हैं यही दूसरी ओर अन्य लोगो के द्वारा मंदिरा व मांस मटन का व्यापार करने से देश-विदेश से आए अनुयायीयो को काफी परेशानीयो का सामना करना पडता है, बल्कि मध्यप्रदेश कि छवि भी धूमिल होते हुवे देखाना पडता है. अम्बेडकर जंयती एंव पुण्य तिथि के दिन मंदिरा व मांस मटन की दुकान बंद होना चाहिए और आप के क्षेत्रधिकार में पलासिया चौराहे पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी कि प्रतिमा पूर्व से ही स्थापित हैं जिससे यदि पलासिया चौराहे का नाम परिवर्तित कर अम्बेडकर चौराहे करने और बाबा साहेब कि जंयती पर शासकीय व निजी उघोगो मे अवकाश घोषित करवाने से सम्पूर्ण भारत में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।
ज्ञापन देते समय,डमरू मालवीय पहलवान, बन्ना मालवीय अंबेडकर, मोहन राठौर, माखन गवली, दादू मालवीय, मिश्रीलाल पहलवान, राजेश दसोरिया ,तरुण सोलंकी, गजराज, चिंटू एवं अन्य सामाजिक साथी थे
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