वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ उठी अवाम की आवाज, मुस्लिम धर्म गुरु और आवाम ने जताया कड़ा विरोध
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भारत में वक्फ संशोधन बिल को लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जुमे की नमाज के बाद देशभर की मस्जिदों में इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। नामी-गिरामी मुस्लिम नेताओं और उलेमा ने इसे संविधान विरोधी बताते हुए सरकार से तत्काल इसे वापस लेने की मांग की है।
मुख्य रिपोर्ट
आज शुक्रवार को देशभर की मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद हजारों की तादाद में लोगों ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ आवाज बुलंद की। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, और पटना समेत कई शहरों में मुस्लिम समाज के लोगों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह बिल उनके धार्मिक और संपत्ति अधिकारों का हनन है।
लखनऊ की आसिफी मस्जिद में नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने कहा, *’वक्फ बोर्ड की संपत्तियां किसी सरकार की जायदाद नहीं हैं। यह बिल सिर्फ मुस्लिम समाज को कमजोर करने की साजिश है। हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।’* उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया तो देशव्यापी आंदोलन होगा।
दिल्ली में जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा, *’यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने के लिए लाया जा रहा है। मुस्लिम समाज इसे किसी भी हालत में मंजूर नहीं करेगा।’*
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा, *’वक्फ संपत्तियां कौम की अमानत हैं, उन्हें किसी भी सरकार के अधीन नहीं किया जा सकता। अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो मुसलमान लोकतांत्रिक तरीके से इसका पुरजोर विरोध करेगा।’*
*उज्जैन जिले की रिपोर्ट:*
उज्जैन जिले में भी इस बिल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। शहर की बड़ी मस्जिदों में नमाज के बाद सैकड़ों लोगों ने इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा। उज्जैन के प्रमुख मौलाना मुफ्ती अयूब कासमी ने कहा, *’यह बिल धार्मिक आजादी पर हमला है। हम इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।’*
वहीं, मस्जिद कमेटी के सदस्य अब्दुल रहमान ने कहा, *’हमारी वक्फ संपत्तियां हमारी धरोहर हैं, इन्हें सरकार के अधीन नहीं किया जा सकता।’*
*आवाम का गुस्सा:*
विभिन्न शहरों में मुस्लिम समाज के लोगों ने इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार को ज्ञापन सौंपे। मुंबई में एक प्रदर्शनकारी शहजाद अली ने कहा, *’यह बिल मुसलमानों की संपत्ति को हड़पने की चाल है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’* वहीं, पटना में विरोध प्रदर्शन में शामिल अफरोज़ बेग ने कहा, *’हम अपने हक के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे।’*
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मुस्लिम समाज एकजुट होता नजर आ रहा है। उलेमा, धार्मिक संगठनों और आम जनता का स्पष्ट संदेश है कि इस बिल को हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए। अगर सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मसले पर क्या रुख अपनाती है। सूत्र
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