*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सारणी आगमन पर आत्मीय स्वागत, तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सवाल उठाने वालों की गिरफ्तारी से विपक्ष हमलावर*
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अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बैतूल जिले के सारणी नगर में प्रथम आगमन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन द्वारा भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। बगडोना में बनाए गए हेलीपैड पर जैसे ही मुख्यमंत्री का आगमन हुआ, स्वागत द्वार पर लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जनजातीय नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। पूरे क्षेत्र में उल्लास और राष्ट्रभक्ति का माहौल दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री का स्वागत करने वालों में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सारणी विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, आमला विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगाबाई उईके, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सुधाकर पवार, कमिश्नर श्री के जी तिवारी, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथिलेश कुमार शुक्ल, कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री निश्चल झारिया सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सारणी नगर में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा की शुरुआत काली माई चौराहे से हुई और रास्ते भर जगह-जगह बने स्वागत मंचों से मुख्यमंत्री पर फूलों की वर्षा की गई। जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री फूलों से सजे विशेष रथ पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने स्वयं भी आमजन पर फूलों की वर्षा की। तिरंगा यात्रा जेरी चौक, अंबेडकर चौराहा, सुपर मार्केट, शिव मंदिर, रेलवे कॉलोनी होते हुए सभा स्थल तक पहुंची। अंबेडकर चौराहे पर मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, व्यापारिक संघों, महिला स्व-सहायता समूहों, रविदास समाज, सेन समाज, मुस्लिम समाज, यादव व पवार समाज, लाडली बहनों, गायत्री परिवार और युवाओं ने पुष्पगुच्छ, मालाएं और स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।
तिरंगा यात्रा के दौरान सारणी नगर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा। ढोल, मृदंग और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर आदिवासी कलाकारों ने जोश से भरपूर लोक नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए सड़कों के दोनों ओर जनसैलाब उमड़ पड़ा।
*मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विरोध करने वाले आप और एनएसयूआई नेताओं की गिरफ्तारी से विपक्ष हमलावर*
मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले आम आदमी पार्टी और एनएसयूआई के नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी के अनुसार, उनके पदाधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आठनेर ब्लॉक में वितरित किए गए अमानक मक्का बीज समेत अन्य जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देने जा रहे थे। इसी दौरान पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं प्रदेश संयुक्त सचिव अजय सोनी, जिला कोषाध्यक्ष सपन कामला, सारनी ब्लॉक अध्यक्ष रमेश भूमरकर और एसटी विंग जिला अध्यक्ष शिवकुमार तुमडाम को हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें चोपना और पाथाखेड़ा पुलिस चौकी में रखा गया।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सारनी में लॉलीपॉप बांटकर अनोखे ढंग से विरोध दर्ज किया और सरकार के खोखले वादों पर तंज कसा। अजय सोनी ने कहा कि सच्चाई के साथ खड़े रहना अगर अपराध है, तो आम आदमी पार्टी हर बार यह अपराध करेगी।
इधर, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष जैद खान एवं उनके दर्जनों कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने बगडोना से गिरफ्तार कर लिया। ये कार्यकर्ता गांव की बेटी योजना में हुए 1.44 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के विरुद्ध ज्ञापन देने जा रहे थे। जैद खान ने बताया कि वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने छात्रों की आवाज को दबाने की मंशा से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार पर मौन हैं और छात्र नेताओं की आवाज को दबाया जा रहा है।
*सीएम यादव को काले झंडे दिखाने पहुंचे 45 कांग्रेसी गिरफ्तार, बैतूल पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, कांग्रेस बोली जनप्रतिनिधि निष्क्रिय, नौकरशाही हावी*
मुख्यमंत्री के दौरे के विरोध में काले झंडे दिखाने पहुंचे कांग्रेस के 45 कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान बैतूल पुलिस के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष का आरोप है कि जिले में चुने हुए जनप्रतिनिधि पूरी तरह निष्क्रिय हो गए हैं और नौकरशाही की मनमानी चरम पर है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया है।
*मुख्यमंत्री के मंच पर उत्सव, मंच से दूर सड़कों पर संघर्ष*
जहां एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा चली, वहीं दूसरी ओर सड़क पर लोकतांत्रिक सवाल पूछने वाले गिरफ्तार होते रहे। सरकार के विरोधियों ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताते हुए गहरा रोष जताया है। आमजन और विपक्ष दोनों ने सवाल उठाए हैं कि क्या सवाल पूछना अब अपराध हो गया है?
मुख्यमंत्री के सारणी आगमन ने एक तरफ प्रशासनिक सजीवता और राजनीतिक चेतना को जीवंत किया, वहीं विपक्ष की नाराजगी ने लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों की चिंता को सामने ला खड़ा किया है। सूत्र
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