*योग कोई धर्म नहीं है, यह जीने का एक तरीका है*
|
😊 Please Share This News 😊
|
अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। पिछले कुछ दशकों में योग के प्रचलन में तेजी से वृद्धि हुई है। चिकित्सा पेशेवर और मशहूर हस्तियां भी इसके विभिन्न लाभों के कारण योग के नियमित अभ्यास को अपना रहे हैं और इसकी अनुशंसा कर रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालापाठा में 11वां योग दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। जिसमें पतंजलि योगपीठ द्वारा प्रशिक्षित बैतूल जिले की महिला संगठन प्रभारी व विद्यालय की योग शिक्षिका श्रीमती प्रीति साहू द्वारा उपस्थित बच्चों को योग का महत्व बताते हुए कहा कि योग कोई धर्म नहीं है, यह जीने का एक तरीका है जिसका उद्देश्य स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन की प्राप्ति है। मनुष्य एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक प्राणी है; योग तीनों के बीच संतुलन विकसित करने में मदद करता है जैसा कि भारत में आयुर्वेद में कहा गया है । व्यायाम के अन्य रूप, जैसे एरोबिक्स, केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करते हैं। इन व्यायामों का आध्यात्मिक या सूक्ष्म शरीर के सुधार से बहुत कम लेना-देना है। विभिन्न योग एवं प्राणायाम से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा योग से स्वास्थ्य लाभ हेतु आवश्यक योग व प्राणायाम करवाए गए। विद्यालय के बच्चों, आचार्य एवं समिति परिवार द्वारा उत्साहपूर्वक योग एवं प्राणायाम किए। विद्यालय के आचार्य भूपेन्द्र पवार, श्रीमती कीर्ति साहू दीदी द्वारा भी योग एवं प्राणायाम पर अपने-अपने विचार बच्चों के समक्ष बताये। अंत में श्रीमती जयश्री पाटील द्वारा आभार व्यक्त किया।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

