यज़ीद के 14 बेटे और 5 बेटियाँ थीं, जबकि हज़रत इमाम हुसैन रज़ि अल्लाहु अन्हु के सिर्फ़ एक ही बेटे (जनाब ज़ैनुल आबिदीन) रज़ि अल्लाहु अन्हु करबला के वाक़िए में ज़िंदा बचे हैं
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के ख़ालिक़ का एहसान देखिए, हुसैन रज़ि अल्लाहु अन्हु की नस्ल दुनिया के हर कोने में मिल जाती है, मगर आज तक कोई एक भी इंसान आपको ऐसा मिला है जो यह कहता हो कि मैं यज़ीद की नस्ल से हूँ?
यज़ीद “ان شانئک ھو الابتر” की अमली तस्वीर है, जिस बदबख़्त ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की नस्ल को ख़त्म करने की कोशिश की, उसकी अपनी नस्ल अल्लाह तआला ने ख़त्म कर दी..!!
फ़ुरात वक़्त-ए-रवां देख, सुए मक़तल देख,
जो सर बुलंद है अब भी वो सर हुसैन का है..!
वो कल भी ज़िंदाबाद था
वो अब भी ज़िंदाबाद है…हुसैन ज़िंदाबाद 🙌
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