बैतूल सतलोक आश्रम में 3 दिवसीय महा धार्मिक अनुष्ठान का दूसरा दिन* *51 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह, 282 यूनिट रक्तदान, 3487 लोगो ने देहदान के संकल्प फार्म भरे* अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
|
😊 Please Share This News 😊
|
https://kismatnews.com/22121/
बैतूल। विश्व में शांति के लिए व आपसी भाईचारे के लिए संत रामपाल महाराज के सानिध्य में तीन दिवसीय महा-धार्मिक अनुष्ठान सतलोक आश्रम में चल रहा है। आज के युद्ध के समय और अशांत समय में समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने की पहल भारत से हो रही है। सतलोक आश्रम में इस महा समागम के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विश्व शांति के आह्वान में सहयोग दे रहे हैं। विश्व में शांति व भारत को विश्व गुरु बनाने के उद्देश्य से सतलोक आश्रम बैतूल सहित सभी 13 सतलोक आश्रमों में अखंड पाठ व विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस महासमागम में तीनों दिन संत गरीबदास महाराज द्वारा लिखित सदग्रंथ साहिब का अखंड पाठ किया जा रहा है जिसका प्रारंभ 1 मई को हो चुका है।
*मानव सेवा ही सर्वोपरि*
समागम का दसरे दिन 2 मई विशेष रूप से मानव सेवा और समाज सुधार को समर्पित रहा। आज जब समाज दहेज, स्वार्थ और मानवता से दूर होती सोच जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे समय में संत रामपाल महाराज द्वारा चलाया जा रहा दहेज मुक्त भारत अभियान समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत 51 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह बड़ी ही सादगीपूर्ण तरीके से कराया गया। 2 मई को आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में संत रामपाल महाराज के अनुयायियों ने भाग लेकर जरूरतमंदों के जीवन बचाने के इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दिया। रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। अनुयायियों द्वारा जिला चिकित्सालय से आई टीम को 282 यूनिट रक्तदान दिया गया। इसके साथ ही देहदान शिविर भी इस महासमागम का एक प्रमुख आकर्षण रहा। संत रामपाल महाराज के अनुयायी संत जी की शिक्षाओं से प्रेरित होकर अभी तक 3487 लोगो ने देहदान के संकल्प फार्म भरें। यह पहल समाज को यह संदेश देगी कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के कल्याण के लिए भी होना चाहिए।
*शानदार व्यवस्था*
सृष्टि की रचना कैसे हुई इस जटिल सवाल का उत्तर प्रदर्शनी के माध्यम से दिया जा रहा है,जिसे देखकर व शास्त्रों में प्रमाणित पाकर 2 दिनों में 4520 लोगों ने संत रामपाल महाराज से नि:शुल्क नाम दीक्षा ग्रहण कर अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की। इस महासमागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देशी घी से बने मोहक भोजन भंडारे की व्यवस्था की गई है जिसमें सब्जी,पुड़ी,दाल,चावल,फुल्का, बूंदी प्रसाद का भंडारा चल रहा है। इस महा-धार्मिक अनुष्ठान का कल समापन है। आयोजकों ने सभी से इस समागम में पहुंचने की अपील की है।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

