उम्मते मुस्लिमा का सियासी बेदारी ज़रूरी …..मोहम्मद उवैस रहमानी* – किस्मत न्यूज

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उम्मते मुस्लिमा का सियासी बेदारी ज़रूरी …..मोहम्मद उवैस रहमानी*

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अगर उम्मते मुस्लिमा को सियासी शाउर बेदार नहीं किया गया,तो यह हमारे कौम के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है। आज जब हम देख रहे हैं कि दुनिया भर में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है, ऐसी स्थिति में हमारी कौम का बेखबर रहना केवल हमारी सामाजिक और धार्मिक पहचान को ही नहीं, बल्कि हमारी बुनियादी हुकूक को भी खतरे में डाल सकता है।

*सियासी शाउर* का मतलब केवल चुनावों में भाग लेना नहीं है, बल्कि यह हमारे हक़ और फर्ज़ों के प्रति जागरूक रहना है। अगर कौम को सिर्फ पंच वक़्त की नमाज़ पढ़ने के लिए ही सीमित कर दिया जाए, तो यह एक बहुत बड़ी भूल होगी। धार्मिकता और सियासत का आपस में गहरा रिश्ता है। जब एक कौम अपने हक़ को जानने और मांगने में असमर्थ हो जाती है,तो फिर वह अपनी धार्मिकता को भी खो सकती है। 

 *अगर हमें सियासी मामलों* से बेखबर रखा गया, तो हमारी पहचान और अस्तित्व को खतरा हो सकता है। ऐसा मुमकिन है कि आने वाले वक्त में न केवल हमारी धार्मिक प्रथाएं प्रभावित हों, बल्कि हमारी बुनियादी आज़ादियों पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।

 *इसलिए, यह जरूरी है* कि हम अपनी नई पीढ़ी को सियासी शाउर और जिम्मेदारियों से अवगत कराएं। हमें अपने हक़ और कर्तव्यों को समझना होगा ताकि हम एक मजबूत और सक्षम कौम के रूप में उभर सकें। केवल नमाज़ पढ़ने से ही हम अपनी पहचान नहीं बना सकते; हमें अपने हक़ों के लिए भी लड़ना होगा। अगर आज हम सियासी रूप से जागरूक नहीं हुए, तो कल हमारे पास न तो एकता होगी और न ही हमारी धार्मिकता का कोई महत्व।

*इसलिए,यह जरूरी है* कि हम सियासी शिक्षा को अपने समाज का एक अहम हिस्सा बनाएं और उम्मते मुस्लिमा को जागरूक करें। तभी हम एक मजबूत और सशक्त कौम बन सकेंगे,जो अपनी पहचान और हक़ों के लिए खड़ी हो सके।

 *मोहम्मद उवैस रहमानी*

     *प्रधान संपादक*

       9893476893

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