मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना! मैं समंदर हूं, लौटकर वापस तूफान लेकर आऊंगा… !! Sayyad.Ashikअली.सूत्र
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मुझको ‘sayyad Ashik ali. थी ख़बर लोग कुरेदेंगे
इस लिए मैंने सदा ज़ख़्म ये ताज़ा रक्खे
है तमन्ना तेरा किरदार तू ऐसा बाद मरने के तुझे याद ज़माना रक्खे
राह ज़ुल्मत में उसे साफ़ नज़र आने ल.आदमी ज़ह्न में इतना तो उजाला रक्खे
ऐसा इंसान तो मुश्किल से यहाँ मिल
दिल में बे लोस महब्बत का जो जज़्बा रक्खे
साजिशें रोज़ ही होती हों जहाँ ऐ
ऐसी महफ़िल से तो रब अच्छा है तन्हा रक्खे
चाहे कैसे भी हों हालात बदल सकते
आदमी पुख़्ता अगर अपना इरादा रक्खे
जिसकी उम्मीदें फक़त रब से ही वाबस्ता
क़ुव्वत ए बाज़ू पे वो क्यों न भरोसा
मैं ने देखे हैं बहुत बिखरे हुए तारे
है दुआ तुमको ख़ुदा यूँ ही इकट्ठा रक्खे
मुझको ‘sayyad Ashik ali. थी ख़बर लोग कुरेदेंगे
इस लिए मैंने सदा ज़ख़्म ये ताज़ा रक्खे
Амџьад
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