भारत के मुख्य न्यायाधीश मां.बी.आर.गवई के साथ मुंबई आगमन पर प्रोटोकॉल नियम की पालना नहीं करने पर दोषियों पर सख्त कारवाही हेतु लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया
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रतलाम । भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय भुषण राम कृष्ण गवई साहब के दिनांक 18 मई 2025 को मुंबई आगमन पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र सरकार एवं उनके प्रशासनिक अधिकारी वर्ग विरोधी मानसिकता के होने से अनुसूचित जाति के मुख्य न्यायाधीश के साथ प्रोटोकॉल की पालना नहीं करने से मुख्य न्यायाधीश महोदय का घोर अपमान किया गया जो निंदनीय है ऐसे कृत्य के लिए महाराष्ट्र मुंबई के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक ,पुलिस कमिश्नर ,एवं जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक व्दारा विधि विरुद्ध किए गए कृत्य जो की माफी योग्य नहीं है ऐसे अधिकारियों पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के प्रावधानों के साथ-साथ अन्य विधि मान्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध करने हेतु महामहीम राष्ट्रपति महोदया , मुख्य सचिव भारत सरकार गृह मंत्रालय दिल्ली,मुख्य रजिस्टार सुप्रीम कोर्ट दिल्ली ,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली ,राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली ,मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय मुंबई के नाम ज्ञापन सोपा गया इस अवसर पर लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बि.एल.सूर्यवंशी, राष्ट्रीय मजदूर यूनियन के पदाधिकारी रामचंद्र वर्मा नागदा ,जगदीश जी राठौड़, विक्रम नानावटीया, फिरोज खान ,रईस अहमद, श्याम दास बैरागी, गोरधन मालवीय आलोट,तेजपाल सोलंकी ,शेर मोहम्मद, कपिल गहलोत एवं जीले भर से आए बाबा साहेब अम्बेडकर साहब के अनुयायियों भीम सेनीको आदी की उपस्थिति में कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा गया
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