*संस्कारों की छांव में भविष्य की नींव*
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*बच्चों में नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों के बीज बोने के उद्देश्य से नीमच जिला माहेश्वरी युवा संगठन द्वारा दो दिवसीय बाल संस्कार शिविर का आयोजन द्वारिकापुरी धर्मशाला, मनासा में किया गया।*
मनासा ।शिविर में मनासा, नीमच, जावद ,सरवानिया ,रतनगढ़ सहित पुरे जिले के 112 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ।शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रद्युम्न मारु, श्याम समदानी, कैलाश आगार,रमेश मुंदड़ा, बद्रीलाल आगार, मधुसूदन मूंगड,अंकित सारडा(प्रादेशिक कोषाध्यक्ष युवा संगठन), मोहित सारडा(जिलाध्यक्ष युवा संगठन), चिराग बसेर एवं श्रीमती स्नेहलता मुंदड़ा द्वारा किया गया।
पहले दिन के मुख्य कार्यक्रमों की शुरुआत गुरूकुल शिक्षा सत्र से हुई जिसमें विकास शर्मा, भादवामाता द्वारा दैनिक सांसारिक नित्य कर्मों के बारे में जागरूक किया। उसके पश्चात् ईशा रावल द्वारा सेल्फ डिफेंस एवं मोना द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट की ट्रेनिंग दी गई। शाम को चल समारोह के द्वारा नगर भ्रमण, द्वारिकाधीश मंदिर में आरती एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।दुसरे दिन की शुरुआत योग शिक्षिका पिंकी मुंदड़ा द्वारा योग सत्र से हुई । उसके बाद प्रशिक्षक पलक मुछाल, जावद द्वारा छोटी बालिकाओं को *गुड़ टच बेड टच* का एवं लाईव पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया। मुख्य प्रशिक्षक पश्चिमांचल माहेश्वरी युवा संगठन अध्यक्ष अभिषेक जी बजाज ने बच्चों को अच्छे संस्कारों की महत्ता पर सुंदर विचार रखे। एवं जिलाध्यक्ष सुनील गगरानी ने संबोधित किया।
शिविर के समापन समारोह में सभी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। बच्चों और अभिभावकों ने आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया।दो दिवसीय बाल संस्कार शिविर ने नन्हे बच्चों में भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति भाव जागृत किए जिससे उनका व्यक्तित्व निखरेगा और वे अच्छे नागरिक बनेंगे।सभी कार्यक्रमों का संचालन एवं अंत में आभार प्रदर्शन सुलेख बाहेती द्वारा किया गया ।
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