MP में स्मार्ट होती पुलिस! अब QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, इस जिले से हुई शुरुआत*
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*शहडोल पुलिस ने जनता से सीधे जुड़ने और त्वरित न्याय दिलाने के लिए थानों में क्यूआर कोड लगाए हैं. नागरिक इन कोड को स्कैन करके शिकायत दर्ज करा सकेंगे, फीडबैक दे सकेंगे और कार्रवाई पर अपनी राय साझा कर सकेंगे*
*MP में स्मार्ट होती पुलिस! अब QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, इस जिले से हुई शुरुआत*
शहडोल जिले की पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में सराहनीय पहल की है. अब जिले के हर थाने में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं. इन क्यूआर कोड को स्कैन करके आम नागरिक सीधे पुलिस को अपना फीडबैक दे सकेंगे, अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और थाने की कार्यप्रणाली पर राय और सुझाव भी साझा कर सकेंगे. इस नवाचार से न सिर्फ जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि शिकायतों की डिजिटल मॉनिटरिंग से सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच भी सुनिश्चित होगी जो पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकता है.
शहडोल पुलिस ने एक अनूठा कदम उठाया है. आम जनता से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए शहडोल पुलिस ने थानों में क्यूआर कोड लगाए हैं. शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव की पहल पर शुरू किए गए इस नवाचार में हर थाना परिसर में एक खास क्यूआर कोड लगाया गया है. इसे स्कैन कर आम लोग न सिर्फ शिकायत दर्ज करा सकेंगे, बल्कि थाने की कार्यप्रणाली पर अपनी राय, सुझाव और अनुभव भी साझा कर सकेंगे. खास बात यह है कि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हुई या नहीं यह भी दर्ज किया जा सकेगा. इससे पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को नया आयाम मिलेगा.
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में मील का पत्थर
पुलिस का कहना है कि शहडोल पुलिस का यह कदम स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है. इससे न सिर्फ आम जनता का पुलिस पर भरोसा मजबूत होगा, बल्कि शिकायतों की डिजिटल मॉनिटरिंग से सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच भी सुनिश्चित होगी. यह व्यवस्था प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी मॉडल बन सकती है.
पुलिस की यह पहल बन रही मिसाल
शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि ‘हमारा प्रयास जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करना है. क्यूआर कोड सिस्टम से लोगों को आसानी से अपनी बात कहने का मौका मिलेगा और हम तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कर सकेंगे. यह पहल पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास है’. बता दें कि शहडोल पुलिस की यह पहल तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की मिसाल बन रही है. अब देखना होगा कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को किस तरह अपनाया जाता है. फिलहाल जनता को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है
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