छत्तीबाग इंदौर में ऐतिहासिक महत्व और पुरातत्व महत्व की धरोहर है, जिसे ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह होल्कर परिवार की विरासत है, जिसमें पुराना किला, दरवाज़े, और नदी शामिल हैं। अब यह जर्जर हालत में है। – किस्मत न्यूज

किस्मत न्यूज

Latest Online Breaking News

छत्तीबाग इंदौर में ऐतिहासिक महत्व और पुरातत्व महत्व की धरोहर है, जिसे ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह होल्कर परिवार की विरासत है, जिसमें पुराना किला, दरवाज़े, और नदी शामिल हैं। अब यह जर्जर हालत में है।

😊 Please Share This News 😊

कलेक्टर कार्यालय के पहले,शहर के मध्य ऐतिहासिक महत्व पुरातत्व महत्व की धरोहर है छत्तीबाग में,,टृस्ट संचालित करता है,,, बड़े बड़े दरवाज़े पुराना किला रुपी चार दीवारी पिछे नदी जो अब नाले में तब्दील हो चुकी है और बीच में जगह जगह छत्तीयां होल्कर परिवार की,

सबसे खास देवी अहिल्या बाई होल्कर और उनके पति की एक सम्मिलित छत्ती 

टृस्ट संचालित करता है सारी व्यवस्था और कर्मचारियों तथा व्यवस्था संचालित करने खातिर 

महज बीस रूपए प्रति व्यक्ति टिकट रख इस स्थान को देखने की अनुमति रखें हुए हैं।

सुबह शाम निश्चित समय दीपक अनवरत लगता आ रहा जो एक परिवार लगाता आ रहा है पहले सास लगाती थी अब बहू तनख्वाह केवल तीन हजार रुपए,,पर खुशी चेहरे पर की देवी अहिल्या बाई होल्कर के लिए भाव गजब,,,

और कर्मचारी है जो सुरक्षा व्यवस्था आदि देखते हैं तो टिकट देने वाले भी,,, सबसे अहम् आने वाले को टिकट ही नहीं लेना होता है अपितु नाम पता फोन नंबर आदि सब रजिस्ट्रर में लिखना होता है।

मैं एक उठावने में सम्मिलित होने गया था सामने स्थित सभागार में समय था तो इधर चला गया,,,

परिवार सहित समय रखकर जाऊंगा,,।

देवी अहिल्या बाई होल्कर के नाम मप्र सरकार बड़े बड़े पोस्टर होडिंग लगाकर आयोजन करती है,, कुछ संस्थाएं भी आयोजन करती है,,हर साल देवी अहिल्या बाई होल्कर की पालकी निकलती है भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है,,,भव्य समारोह आयोजित करके पुरस्कार भी बांटे जाते हैं सरकारी छुट्टी आधे दिन की रखी जाती है।

क्या जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों तथा होल्कर परिवार के वंशजों ने इस तरफ़ ध्यान दिया,,

बाहर बगीचा नगरनिगम ने बनाया पर ताला जड़ा हुआ है,, क्या नदी सफाई व्यवस्था हुई अन्य व्यवस्था की गई,,,टृस्ट संचालित करता है पंरतु अगर सहयोगी बनकर सकारात्मक पहल रखते हुए सहयोग किया जा सकता है,,,, जनसहयोग से साफ सफाई साज सज्जा कर सकते हैं।

लानत है ऐसे व्यक्तियों पर, जनप्रतिनिधियों पर, मैं खुद को भी दोषी मानता हूं कि हजारों बार ऊधर से निकला पास में राजपूत समाज धर्मशाला में आयोजित समारोह में शामिल होने भी बहुत बार गया पर यह स्थान कैसे चुका,,,।

आज जो पढ़े देखें जरुर और इसको साझा करें,

एक मुहिम चले इस ऐतिहासिक महत्व पुरातत्व महत्व की जगह खातिर और ट्रस्ट को विश्वास में लेकर सजानें संवारने तथा चाक चौबंद इंतजाम करने खातिर,,

प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट नंबर 9826093634

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]