नए आपराधिक कानून के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनसुनवाई में आए आवेदकों को नए कानून के संबंध में जागरूक किया गया। रिपोर्ट मनोहर मालवीय
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रतलाम आज दिनांक 01 जुलाई 2025 को भारतीय न्याय व्यवस्था में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे नए आपराधिक कानूनों को एक वर्ष पूर्ण हो गया है। यह वर्ष डिजिटल युग में पुलिस व न्याय प्रणाली के तकनीकी सशक्तिकरण के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश खाखा द्वारा जनसुनवाई में आए हुए आवेदकों की शिकायतों को सुनकर निराकरण के निर्देश दिए गए। इसके साथ साथ जिले भर से आए आवेदकों को नए आपराधिक कानून के बारे में जागरूक किया गया।
एएसपी द्वारा सभी आवेदकों को नए कानून के माध्यम से किस प्रकार आपके मोबाइल से ही आप E– FIR कर सकते है। जिस पर पुलिस द्वारा परीक्षण कर एफ आई आर दर्ज की जाती है जिससे शिकायतकर्ताओं को त्वरित सेवा व न्याय सुनिश्चित होता है।
नए आपराधिक कानून से आम जन के लिए किए गए कुछ प्रावधान
✅नए आपराधिक कानून में E FIR की सुविधा प्रदान की गई है। जिससे कोई भी आमजन कही से भी मोबाइल के माध्यम से E FIR कर सकता है। MP Police Website/MP COP App/ Citizen Portal से ई-एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
✅किसी भी थाने में FIR दर्ज कराई जा सकती है – जिसे आवश्यकता अनुसार Zero पर दर्ज कर संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाता है।
✅15 वर्ष से कम एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस को अनुमति लेना आवश्यक होगा
✅ 07 वर्ष से कम सजा के अपराध में पुलिस द्वारा सीधे गिरफ्तारी नहीं की जाती है।
✅ NCRP पोर्टल व CEIR प्रणाली से साइबर अपराध और मोबाइल गुमशुदगी का त्वरित निराकरण किया जाता है।
पिछले एक वर्ष में नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन एवं डिजिटल एकीकरण से न्यायिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, त्वरित व जवाबदेह बनी है। रतलाम पुलिस तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाते हुए जनहित में कार्यरत है।
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