बैतूल भू अधिग्रहण में बड़ी चूक जनसुनवाई में सौंपा ज्ञापन. अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
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बैतूल। भू अधिग्रहण में बड़ी चूक को लेकर रवि त्रिपाठी ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को आवेदन सौंपा। इस संबंध में रवि त्रिपाठी ने बताया कि एन एच आई द्वारा दो सौ फुट चौड़ा भोपाल नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए 2012 में प्रकरण क्रमांक 17 अ/82/11-12आदेश दिनांक 3.8.12 को भू अर्जन किया गया था। जिसमें सोनघाटी स्थित भूमि स्वामियों की भूमि का भी अधिग्रहण किया गया था। जिसमें भूमि स्वामी रवि त्रिपाठी की भूमि खसरा क्रमांक 130/14 रकबा 0.271 अर्थात 29171 वर्ग फुट है जिसमें से अधिग्रहित रकबा 0.120 हे. अर्थात 12917 वर्ग फुट और 130/24 रकबा 0.16580 वर्ग फुट है जिसमें से अधिग्रहित रकबा 0.112 हे.अर्थात 12058 वर्ग फुट कुल 57 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया था। श्री त्रिपाठी ने बताया कि उक्त खसरा नंबर 130 की कुल भूमि लगभग बारह एकड़ है जिसमें पांच भूमि स्वामी भिन्न भिन्न रकबा के मालिक हैं जिसमें चार एकड़ तिरासी डिसमिल भूमि रवि त्रिपाठी की है जिनके अन्य खसरा नंबर है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान दौ सौ फुट चौड़े रोड के लिए दो सौ फुट भूमि किन-किन भू स्वामियों की राष्ट्रीय राजमार्ग में अधिग्रहित की जाना है उसका सीमांकन एनएचआई एवं तत्कालीन पटवारी संतोष ठाकुर द्वारा बिना भू स्वामियों की उपस्थिति में करवाया गया था। जिसमें रवि त्रिपाठी एवं जय थारवानी की भूमि के बीच से जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में रवि त्रिपाठी एवं जय थारवानी की जमीन का सीमांकन कर रवि त्रिपाठी की भूमि 57 डिसमिल एवं जय थारवानी की कुल रकबा 0.102 हे.में से रकबा 0.040 हे. भूमि अधिग्रहण हेतु दर्शाया गया था और अधिग्रहण किया गया था। 2022 में रवि त्रिपाठी द्वारा अपनी भूमि का सीमांकन करवाए जाने पर राजस्व कर्मचारियों द्वारा रवि त्रिपाठी की पूरी जमीन में से मात्र 10 डिसमिल जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग में जाना पाया गया। शेष भूमि 47 डिसमिल जय थारवानी या अन्य की होना पाया गया। जिसका मौके पर पंचनामा प्रतिवेदन और फील्ड बुक बनाया गया। गलत सीमांकन के कारण जय थारवानी एवं अन्य को मिलने वाला 47 डिसमिल भूमि का मुआवजा गलती से रवि त्रिपाठी को 764000 रुपए का दे दिया गया। जबकि दस डिसमिल भूमि का दिया जाना चाहिए था, जिसे वापस प्राप्त कर दस डिसमिल का मुआवजा दिया जाना चाहिए। जय थारवानी की भूमि अधिक गई और कम दर्शाया गया जिससे मुआवजा कम मिला, रवि त्रिपाठी की 10 डिसमिल भूमि गई किंतु सीमांकन की गलती से 57 डिसमिल बताई गई और भूमि अधिग्रहण किया गया जबकि उक्त 57 डिसमिल जमीन में से 47 डिसमिल जमीन जय थारवानी की है। भूमि स्वामी को जब यह जानकारी प्रतिवेदन राजस्व कर्मचारियों आर आई सिरसाम, पटवारी धर्मेन्द्र पवार, हल्का पटवारी हुकुमचंद इवने द्वारा दिया गया तब तत्कालीन अधिकारियों के संज्ञान में यह लाया गया और 764000 रूपये एनएचआई को वापस लौटाने का निवेदन किया गया पर किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार न करतें हुये मना कर दिया गया। प्रश्न यह उठता है कि जब भूमि स्वामी रवि त्रिपाठी की 57 डिसमिल भूमि गई ही नहीं,मात्र 10 डिसमिल ही गई है और आज भी उसी के कब्जे में है और एनएच आई द्वारा अधिग्रहित 200 फुट भूमि एन एच आई के कब्जे में है और सीमा चिंह भी लगे हैं तब यह बड़ी कानूनी त्रुटि सुधार क्यों नहीं किया जा सकता है? एनएचआई और राजस्व कर्मचारियों की त्रुटि के कारण अन्य भूमि स्वामी की भूमि अन्य भू स्वामी की दर्शा कर दिया गया गलत मुआवजा राशि 76400 वापस लेकर रवि त्रिपाठी की भूमि का दस डिसमिल का मुआवजा दिया जाए और शेष सैंतालीस डिसमिल का मुआवजा जय थारवानी को दिया जाए और दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए।
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