बैतूल.*सीपीआर से किसी की जान बचाई जा सकती है* *सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया* अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
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बैतूल। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक जीवनरक्षक तकनीक है जो कई आपात स्थितियों में उपयोगी है, जिसमें दिल का दौरा पडऩा या डूबने के करीब पहुंच जाना शामिल है, जिसमें किसी की सांस या दिल की धडक़न रुक गई हो। किसी वयस्क पर सीपीआर करने का तरीका जानना किसी की जान बचा सकता है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जेएच कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में प्राचार्य डॉ.मीनाक्षी चौबे के संरक्षण में जिला संघटक डॉ गोपाल प्रसाद साहू ,कार्यक्रम अधिकारी प्रो शंकर सातनकर, प्रो संतोष पवार, प्रो विनोद नागले, डॉ.मोहन कि उपस्थिति में सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया गया। जिसमे उपस्थित डॉ गोपाल प्रसाद साहू ने हमें (सीपीआर) के बारे मे बताया साथ ही उन्होंने हमें प्रेक्टिकल कर के समझाया कि किसी भी व्यक्ति को अगर सीपीआर की जरूरत पड़ी तो क्या करना चाहिए। और साथ ही कार्यक्रम अधिकारी प्रो शंकर सातनकर ने भी बताया कि अगर अपने परिवार में कोई भी व्यक्ति को सीपीआर कि जरूरत पड़े तो कैसे देना चाहिए। साथ ही डॉ मोहन ने भी सीपीआर के बारे में बहुत सारी जानकारी दी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ स्वयंसेवक हिमांशु पाटिल, दलनायक आयुष नागोरे, इश्तियाक अली, रंजित, नितिन पवार, खुशी पारखे,खुशबू, भुवनेश्वरी, कविता, निशा, सोनू,सदाशिव, आयुष धुर्वे आदि स्वयंसेवकों का सक्रिय योगदान रहा।
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