Kismat news “जहाँ हुए टैगोर अमर, वहाँ जला ज्ञान का दीपक”- नवनिर्माण ने गाताखेड़ा में मनाई गुरूदेव जयंती” श्रीमती मुमताज शेख*अकरम पटेल।
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Kismat news *प्रति वर्ष गुरूदेव रबीन्द्र नाथ टैगोर को याद करने तथा उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न स्कूलों तथा संस्थाओं में कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, नवनिर्माण उपाध्यक्ष श्री अनीस कुरैशी”*
*पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में गुरूदेव रबीन्द्र नाथ टैगोर कि जयंती वैभव और धूमधाम के साथ मनाई जाती है। वही कॉलेज, विश्वविद्यालयों के साथ ही विदेशी संस्थानों में भी विभिन्न समूहों द्वारा गुरूदेव के कार्यों को स्मरण कर सराहा जाता है, नवनिर्माण कोषाध्यक्ष श्रीमती रेहाना।*
*”घोड़ाडोंगरी:”* महिला सशक्तिकरण के लिए तत्पर कहना गलत नही होंगा। चुके महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं। नवनिर्माण
संस्था पाथाखेड़ा समाज के विकास और सुधार में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए जानी जा रही और जाती है। श्रीमती मुमताज शेख ने बताया कि नवनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था पाथाखेड़ा परिवार ने गुरूदेव रबीन्द्र नाथ टैगोर की 164वीं जयंती ग्राम गाताखेड़ा पंचायत बाकूड के आंगनवाड़ी केंद्र-1 में नौनिहालों और बुजुर्गों संग हर्षोल्लास से मनाई।
“शायरी से सजी श्रद्धांजलि, ग्रामीणों में दिखा उत्साह”
“जहाँ बोले गीतांजलि के स्वर, वहाँ महके भारत का गौरव,_
_कलम से जिसने रचा ‘जन-गण-मन’, वो टैगोर हैं राष्ट्र का सौरभ।_
_नोबेल से चमका विश्व में नाम, कविता में बसा दिया संसार,_
_गुरूदेव तेरे शब्दों की ज्योति, करे युग-युग तक अंधियार पार।”_
“कार्यक्रम की झलक”
संस्था अध्यक्ष श्रीमती मुमताज शेख ने बताया कि मुख्य अतिथि सरपंच श्री भैय्यालाल बैठे व अतिथि श्री महिपाल, के साथ ही अतिथि श्रीमती जमीला कुरैशी के हाथों गुरूदेव के छायाचित्र पर माल्यार्पण से कार्यक्रम शुरू हुआ। श्रीमती शेख ने बच्चों को बताया कि 7 मई 1861 को जन्मे टैगोर कवि, लेखक, चित्रकार और संगीतकार थे। 1913 में साहित्य का नोबेल पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय बने। उन्होंने भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाया।
“पदाधिकारियों के विचार”
उपाध्यक्ष श्री अनीस कुरैशी ने कहा कि हर साल स्कूलों-संस्थाओं में टैगोर को याद कर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। कोषाध्यक्ष श्रीमती रेहाना ने कहा कि पश्चिम बंगाल में धूमधाम से जयंती मनती है। विदेशी संस्थानों में भी उनके कामों को सराहा जाता है।
“150 लोगों ने किया भोजन”
कार्यक्रम के अंत में नवनिर्माण द्वारा 150 नौनिहालों, ग्रामीणों और बुजुर्गों को भोजन व मिठाई कराई गई। वही बच्चों के चेहरों की खुशी देख गुरूदेव को सच्ची श्रद्धांजलि मिली।
“ये रहे मौजूद”
श्रीमती जमीला कुरैशी, श्री भैय्यालाल बैठे, श्रीमती मुमताज शेख, श्री महिपाल, श्री अनीस कुरैशी, श्रीमती नेहा नागर, श्रीमती शालिनी जेम्स, श्रीमती गीता वाईकर, श्रीमती तबस्सुम कुरैशी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती काजले, श्री अकील कुरैशी, श्री जफर कुरैशी समेत गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
“नवनिर्माण का संकल्प:” टैगोर के विचारों को गाँव-गाँव तक पहुँचाना ही सच्ची जयंती है।
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